scriptcycle | लोग कितने दयालु, यह पता लगाने साई तेजा निकल पड़े साइकिल यात्रा पर | Patrika News

लोग कितने दयालु, यह पता लगाने साई तेजा निकल पड़े साइकिल यात्रा पर

लोग कितने दयालु, यह पता लगाने साई तेजा निकल पड़े साइकिल यात्रा पर

चेन्नई

Published: November 28, 2021 11:12:41 pm

चेन्नई. यह पता लगाने के लिए कि क्या दयालुता अभी भी दुनिया में मौजूद है और इसका अनुभव करने के लिए एक युवा साई तेजा ने अपनी साइकिल से अखिल भारतीय दौरे पर जाने का फैसला किया। उन्होंने 2 अक्टूबर को अपने गृहनगर बेंगलूरु से साइकिल से यात्रा शुरू की। पिछले करीब दो महीने में उन्होंने 2,500 किमी का सफर तय किया है।
चेन्नई पहुंचे साई तेजा ने अपनी यात्रा के बारे में बताया। उन्होंने कहा, बेंगलूरू से मैंने सभी कस्बों और गांवों को कवर करते हुए सीधे तमिलनाडु पहुंचा। मदुरै, तिरुचि, पोलाची, कोयंबत्तूर, ऊटी, कन्याकुमारी, रामेश्वरम, पुदुचेरी होते हुए यात्रा हुई। मैं 26 नवंबर को चेन्नई आया और 30 नवंबर को आंध्र प्रदेश जा रहा हूं। वहां से मैं साइकिल से ओड़ीसा, पश्चिम बंगाल, उत्तर पूर्वी राज्यों और उत्तर के अन्य राज्यों में जाऊंगा। जब मैंने यह पता लगाने के मिशन के साथ साइकिल यात्रा शुरू की कि क्या जादू मौजूद है, तो कई लोगों ने सोचा कि मैं पागल हूं। लेकिन मैं अपने उद्देश्य के बारे में बहुत स्पष्ट हूं।
वे कहते हैं, जादू कुछ भी हो सकता है। यह दयालुता, साझा करने या यहां तककि प्यार का कार्य भी हो सकता है। इस तरह की एकल यात्रा में कई लोग चाहते हैं कि कोई न कोई जादू या चमत्कार हो। यात्रियों के रूप में हम नहीं जानते कि यात्रा में हमारे आगे क्या है। इस अखिल भारतीय यात्रा में मैं दयालु लोगों से मिलने की उम्मीद कर रहा हूं और साथ ही एक व्यक्ति के रूप में खुद को तलाश रहा हूं। मैं अपनी यात्रा और जीवन के अनुभव उन लोगों के साथ भी साझा कर रहा हूं जो यात्रा करने के इच्छुक हैं।
बेमौसम की यात्रा आसान नहीं
महामारी और बरसात के मौसम में यात्रा करना कोई आसान काम नहीं है। लेकिन साई तेजा ने इसे अच्छी तरह से सुलझा लिया है। मेरे पास यात्रा की उचित योजना नहीं है, लेकिन मुझे मार्ग पता है। मैं इस यात्रा के दौरान पेट्रोल बंक और मंदिरों में ठहरा हूं। कई लोगों ने मुझे रुकने की जगह दी। कई बार तम्बू लगाकर रहा।
दयालुता को अनुभव करना अलग अहसास
वे कहते हैं, हम दयालुता की कई कहानियाँ सुनते हैं। मैं इसे स्वयं अनुभव करना चाहता था। एक दिन तमिलनाडु के एक कस्बे से साइकिल चलाते हुए एक वरिष्ठ व्यक्ति ने अपना वाहन रोका और मेरी यात्रा के बारे में पूछा। मैंने अपना मिशन समझाया तो वह रोमांचित हो गया। खाने और अन्य चीजों के लिए पैसे जुटाने के लिए साईं यात्रा के साथ-साथ फेस मास्क भी बेच रहे हैं।
cycle
sai teja

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

बड़ी खबरें

Corona Update in Delhi: दिल्ली में संक्रमण दर 30% के पार, बीते 24 घंटे में आए कोरोना के 24,383 नए मामलेSSB कैंप में दर्दनाक हादसा, 3 जवानों की करंट लगने से मौत, 8 अन्य झुलसे3 कारण आखिर क्यों साउथ अफ्रीका के खिलाफ 2-1 से सीरीज हारा भारतUttar Pradesh Assembly Election 2022 : स्वामी प्रसाद मौर्य समेत कई विधायक सपा में शामिल, अखिलेश बोले-बहुमत से बनाएंगे सरकारParliament Budget session: 31 जनवरी से होगा संसद के बजट सत्र का आगाज, दो चरणों में 8 अप्रैल तक चलेगाHowrah Superfast- हावड़ा सुपरफास्ट से यात्रा करने वाले यात्रियों को परिवर्तित मार्ग से करना पड़ेगा सफर, इन स्टेशनों पर नहीं जाएगी ट्रेनपूर्व केंद्रीय मंत्री की भाजपा में वापसी की चर्चाएं, सोशल मीडिया पर फोटो से गरमाई सियासतTrain Reservation- अब रेल यात्रियों के पांच वर्ष से छोटे बच्चों के लिए भी होगी सीट रिजर्व, जानने के लिए पढ़े पूरी खबर
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.