विधि छात्रा का निलम्बन वापस लेने की मांग

विधि छात्रा का निलम्बन वापस लेने की मांग

Arvind Mohan Sharma | Publish: Apr, 17 2018 02:37:43 PM (IST) Chennai, Tamil Nadu, India

अभिभावकों ने किया प्रदर्शन..

कोयम्बत्तूर. कठुआ रेप प्रकरण में कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर आंदोलन से निपटने में लगी पुलिस को इससे ही जुड़े एक मामले को लेकर वकीलों को समझाइश करनी पड़ी। पिछले दिनों शहर के विधि महाविद्यालय प्रबंधन ने छात्रा आर. प्रिया को कठुआ प्रकरण में आंदोलन के उकसाने के आरोप में निलम्बित कर दिया था। इसके विरोध में कोयम्बत्तूर के वकीलों ने अदालत के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि कानून पढ़ाने वाले महाविद्यालय में ही स्वतंत्र विचारों को दबाया जा रहा है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कठुआ व उन्नाव प्रकरण की निंदा की।वकीलों ने केन्द्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह दलितों की सुरक्षा के लिए बनाए गए कानूनों को भी कमजोर कर रही है।

 

साम्प्रदायिक विभेद फैलाने की कोशिश करने के आरोप में राजकीय विधि महाविद्यालय की प्रथम वर्ष की छात्रा प्रिया को शुक्रवार को निलम्बित कर दिया था...
उल्लेखनीय है कि साम्प्रदायिक विभेद फैलाने की कोशिश करने के आरोप में राजकीय विधि महाविद्यालय की प्रथम वर्ष की छात्रा प्रिया को शुक्रवार को निलम्बित कर दियाथा। प्राचार्य केएस गोपालकृष्ण के अनुसार प्रिया के बारे में शिकायत मिली थी कि वह उन्नाव व कठुआ रेप प्रकरण में साम्प्रदायिक विभेद फैलाने की बातें कर रही है। एक सहायक प्रोफेसर ने भी इस सम्बन्ध में प्राचार्य को अवगत कराया था।छात्रों ने अपनी शिकायत में बताया कि वह रेप प्रकरण में सरकार के खिलाफ आंदोलन करने व कक्षाओं के बहिष्कार करने के लिए दबाव बना रही है।यही नहीं वह छात्र-छात्राओं में साम्प्रदायिक विभेद पैदा करने का प्रयास कर रही है।प्राचार्य ने मामले की जांच सहायक प्रोफेसर आर अम्मू को सौंपी। उनकी रिपोर्ट के आधार पर प्राचार्य ने आरोपी छात्रा को निलम्बित कर दिया। इसकी प्रतिक्रिया भी हुई डीएमके की राज्यभाषा सांसद कनिमोझी ने रविवार को सोशल मीडिया में अपनी पोस्ट के माध्यम से कहा कि ऐसी घटनाओं से काफी दुख होता है कि आप भविष्य के अधिवक्ताओं से मौलिक अधिकार छीन रहे हैं। सांसद ने सवाल किया कि क्या सामाजिक मुद्दों को आवाज देना अपराध है।

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