मद्रास हाईकोर्ट के निर्देश के बावजूद स्कूली बसों में अब तक नहीं लगा सीसीटीवी कैमरा

Despite high court direction CCTV camera not yet installed in school buses

मद्रास हाईकोर्ट के निर्देश के बावजूद स्कूली बसों में अब तक नहीं लगा सीसीटीवी कैमरा

By: Vishal Kesharwani

Updated: 08 Dec 2019, 05:11 PM IST

मद्रास हाईकोर्ट के निर्देश के बावजूद
स्कूली बसों में अब तक नहीं लगा सीसीटीवी कैमरा
चेन्नई. मद्रास हाईकोर्ट द्वारा राज्य सरकार को राज्य के सभी स्कूली बसों में जीपीएस सिस्टम के साथ सीसीटीवी कैमरा स्थापित करने के निर्देश दिए जाने के चार महीने बाद भी अब तक बसों में कैमरे स्थापित नहीं किए गए हैं। वड़पलनी, विरगम्बाक्कम, पुन्नमल्ली, टी. नगर और कुंडथूर के बहुत सारे स्कूलों में जांच के बाद पता चला कि बसों में कैमरे नहीं लगाए गए हैं। वहीं इन इलाकों में स्थित स्कूल के विद्यार्थियों और बस चालकों ने भी इस बात की पुष्टि की है। अभिभावकों द्वारा स्कूल प्रबंधन पर उनके बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं करने का आरोप लगाया जा रहा है। अभिभावकों का कहना है कि यह स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी है जिसके लिए तत्काल में कैमरे स्थापित कराने चाहिए।

 

-इस ओर घोषणा की जा चुकी है

इसी बीच चेन्नई की मुख्य शिक्षा अधिकारी ए. अनिता ने बताया कि इस ओर घोषणा की जा चुकी है और स्कूलों द्वारा यह उपाय करना चाहिए। एक अभिभावक ने बताया कि राज्य सरकार को खुद को यह कह कर नहीं बचना चाहिए कि सरकार ने घोषणा कर निर्देश दे दिया है, बल्कि स्कूलों में जाकर बसों की जंाच कर देखना चाहिए। जांच के दौरान अगर स्कूलों द्वारा लापरवाही पाई जाती है तो उन पर जुर्माना भी लगाना चाहिए ताकि दोबारा ऐसी गलती ना करें। परिवहन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उन लोगों ने भी दिशा निर्देश जारी किए थे लेकिन जांच तभी होगी जब बसों को गर्मी की छुट्टी के दौरान फिटनेश प्रमाण पत्र के लिए आरटीओ कार्यालय लाया जाएगा।

 

-स्थापित करने के लिए कम से कम मई तक चाहिए समय

नर्सरी, प्राथमिक, मैट्रिक, उच्चतर माध्यमिक और सीबीएसई स्कूल एसोसिएशन के राज्य महासचिव के. आर. नंदकुमार ने कहा इस मामले में हाईकोर्ट में अपील की गई है। बसों में कैमरे और जीपीएस सिस्टम स्थापित करने के लिए कम से कम मई तक का समय और चाहिए। उल्लेखनीय है कि मेट्टुपाल्यम में बस चालक और क्लिनर द्वारा चार साल के बच्चे के साथ किए गए यौन उत्पीडऩ के बाद एडवोकेट एस. गोपी कृष्णन द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान इस साल जुलाई में कोर्ट ने बसों में कैमरा स्थापित करने का निर्देश दिया था।

Vishal Kesharwani
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned