Tamilnadu अंजनशलाका व प्रतिष्ठा महोत्सव के निमित्त जल यात्रा विधान

परमात्मा के अभिषेक में उपयोग (use) होने वाले इस जल की शुद्धि (water purity) अपने घर में मुनिसुव्रत स्वामी परमात्मा (god) का शुद्ध भावों के साथ जाप (Zap) करके करना है।

चेन्नई. किलपॉक श्वेतांबर मूर्तिपूजक जैन संघ के तत्वावधान एवं आचार्य तीर्थभद्र सूरीश्वर की निश्रा में मुनिसुव्रत स्वामी जिनालय के अंजनशलाका व प्रतिष्ठा महोत्सव के निमित्त जलयात्रा विधान हुआ। इस दौरान एससी शाह भवन से 108 युवतियां सिर पर कलश धारण कर चतुर्विध संघ के साथ सिल्वन लॉज कॉलोनी स्थित संघवी कमलाबेन प्रकाशचंद ओस्तवाल के आवास पर गाजे बाजे के साथ पहुंची। वहां मुनिवृंद तीर्थरुचिविजय व तीर्थ तिलकविजय की उपस्थिति में ग्रह शांति पाटला, दस दिक्पाल व अष्टमंगल पूजन हुआ और मंत्रोच्चार के साथ विधिपूर्वक जल विधान कार्यक्रम हुआ।

सर्वश्रेष्ठ नमस्कार व नम्रता का भाव
इस मौके पर मुनि तीर्थ तिलकविजय ने कहा जिस तरह शत्रुंजय गिरिराज सर्वश्रेष्ठ क्षेत्र है, उसी प्रकार जिस काल में परमात्मा की भक्ति हो वह सर्वश्रेष्ठ काल है। सर्वश्रेष्ठ भाव नमस्कार व नम्रता का भाव है तो सर्वश्रेष्ठ द्रव्य वीतराग परमात्मा है। आपको आज से परमात्मा के अभिषेक में उपयोग होने वाले इस जल की शुद्धि अपने घर में मुनिसुव्रत स्वामी परमात्मा का शुद्ध भावों के साथ जाप करके करना है।

अधिकाधिक भावों के साथ करें जाप
मुनि तीर्थरुचिविजय ने कहा परमात्मा के पंच कल्याणक व 10-10 मुमुक्षुओं की दीक्षा के महामहोत्सव में सुन्दर माहौल बनाने के लिए सबको जुडऩा है। जितना ज्यादा भावों के साथ जाप होगा, महोत्सव का माहौल उतना ही उत्कृष्ट होगा।

Dhannalal Sharma Desk
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