बिना नीट परीक्षा के दिव्यांग छात्रा को मिले मेडिकल सीट

बिना नीट परीक्षा के दिव्यांग छात्रा को मिले मेडिकल सीट

Ritesh Ranjan | Publish: Sep, 10 2018 05:55:13 PM (IST) Chennai, Tamil Nadu, India

डीएमई ने कर दिया था अस्वीकृत

चेन्नई. मद्रास हाईकोर्ट ने उस दिव्यांग छात्रा को बिना नीट परीक्षा के वर्ष २०१८-१९ सत्र में मेडिकल कोर्स में दाखिला देने का आदेश दिया है जिसका आवेदन अस्वीकृत कर दिया गया था। न्यायाधीश हुलुवादी जी. रमेश और न्यायाधीश के. कल्याणसुंदरम ने के. नंदिनी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया।

नंदिनी ने अकादमिक सत्र २०१६-१७ में दिव्यांग कोटे के तहत मेडिकल सीट में दाखिले के लिए आवेदन किया था, लेकिन डीएमई ने उसका आवेदन यह कहकर अस्वीकृत कर दिया था कि वह ८० प्रतिशत विकलांग हैं जो नियम व शर्तें पूरी नहीं करते। मामले पर सुनवाई कर रही मद्रास हाईकोर्ट की खंडपीठ ने कहा कि डीएमई ने जो फैसला दिया है वह गलत है और जिस समय याची ने आवेदन भरा था उस वक्त नीट की परीक्षा अनिवार्य नहीं थी। इसलिए याची को बिना नीट की परीक्षा के मेडिकल सीट मुहैया कराई जानी चाहिए।

याची का कहना है कि विल्लुपुरम जिला मेडिकल बोर्ड ने उसकी विकलांगता का अनुमान लगाकर ७० प्रतिशत विकलांगता का सर्टिफिकेट जारी किया था, जबकि डाक्टर विशेषज्ञों की कमेटी ने उसकी विकलांगता को ८० प्रतिशत ही आंका। उसके बाद उसने कोर्ट में याचिका दायर की लेकिन एकल बेंच की जज ने उसकी याचिका को अस्वीकृत कर दिया। जब दूसरी याचिका लगाई तब उसे राहत दी गई।


सभी महाविद्यालयोंं में होगी रैगिंग निरोधी समिति : राज्यपाल

चेन्नई. नौवीं राज्य स्तरीय निगरानी समिति की हुई बैठक हाल ही हुई जिसकी अध्यक्षता राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने की। शिक्षण संस्थानों से रैगिंग को पूरी तरह से खत्म करने के उद्देश्य से आयोजित बैठक में राज्यपाल ने इस रैगिंग तंत्र को और मजबूत करने की सलाह दी। यहां जारी एक आधिकरिक विज्ञप्ति में बताया कि बैठक में कमेटी के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा उच्च शिक्षा मंत्री के.पी. अन्बझगण, राज्य की मुख्य सचिव गिरिजा वैद्यनाथन, डीजीपी टी.के. राजेन्द्रन, उच्च शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव मनगट राम शर्मा सहित अनेक उच्चाधिकारी शामिल हुए। बैठक में राज्य के प्रत्येक कॉलेज में रैगिंग निरोधी समिति गठित करने और वर्तमान में निगरानी तंत्र को और मजबूत करने पर जोर दिया गया। विज्ञप्ति में आगे बताया कि इस तरह के हालात को सहन करने के बजाय रैगिंग करने वाले विद्यार्थियों का कड़ी सजा दी जाएगी। समिति के सदस्य विद्यार्थियों में सकारात्मक दृष्टिकोण बनाने के उद्देश्य से कार्य करेंगे।

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