आयुर्वेद और नैनो तकनीक का मिश्रण है डीएनए

आयुर्वेद और नैनो तकनीक का मिश्रण है डीएनए

Ritesh Ranjan | Publish: Nov, 10 2018 01:03:40 PM (IST) Chennai, Tamil Nadu, India

नैनो तकनीक का इस्तेमाल करके चेन्नई स्थित धनवंतरी नैनो आयुर्वेेद (डीएनए) कैंसर जैसे असाध्य रोग का सस्ता और दुष्प्रभाव रहित इलाज तलाशने की कोशिश में लगा हुआ है।

चेन्नई. नैनो तकनीक का इस्तेमाल करके चेन्नई स्थित धनवंतरी नैनो आयुर्वेेद (डीएनए) कैंसर जैसे असाध्य रोग का सस्ता और दुष्प्रभाव रहित इलाज तलाशने की कोशिश में लगा हुआ है। नैनो के सहयोग से डीएनए इस गंभीर बिमारी का प्राकृतिक समाधान प्राप्त करने के लिए शोधरत है। इस शोधकार्य को सफल बनाने के लिए युनिवर्सिटी ऑफ मिसौरी कैंसर नौनो टेक्नोलॉजी प्लेटफार्म के निदेशक डॉ. कट्टेश वी. कट्टी भी डीएनए की मदद कर रहे हैं।
पत्रिका के साथ विशेष वार्ता में डॉ. कट्टी ने बताया कि आधुनिक दौर में सदियों पुरानी आयुर्वेदिक पद्धति का कोई विशेष महत्व नहीं होने के पीछे की मुख्य वजह आयुर्वेदिक अध्य्यन और इलाज का साक्ष्य आधारित नहीं होना है। उन्होंने आगे बताया कि इन कमियों को दूर करके एवं आधुनिक तकनीकों के माध्यम से वे ऐसी दवा बनाने के काम में लगे हुए हैं जिससे कैंसर जैसी भयानक बीमारी इलाज भी सम्भव हो सके। उन्होंने बताया कि डीएनए भी उनके इस प्रयोग में 2010 से ही लगा हुआ है। उन्होंने आगे बताया कि नैनो तकनीक से तैयार उनकी दवाएं बीमार कोशिकाओं को नष्ट करने के अलावा खराब कोशिकाओं को ठीक करने में भी मदद करती हैं।
उन्होंने विस्तार से समझाते हुए कहा कि मानव शरीर में मौजूद एंजाइम रक्षक का काम करते हुए बाहर से आए किसी भी बेकार पदार्थ को शरीर से बाहर निकाल देता है। कई बार ये एंजाइम आयुर्वेदिक दवाओं के गुण को भी नष्ट कर देते हैं। इसकी वजह से शरीर को इन दवाओं का उतना लाभ नहीं मिल पाता जितना की मिलना चाहिए। लेकिन नैनो पार्टिकलयुक्त दवाओं के साथ नहीं होता क्योंकि इनमें नैनो पार्टिकल इतनी पर्याप्त मात्रा में मौजूद रहते हैं कि एंजाइम इन्हें खत्म नहीं कर पाते और इसका सेवन करने वाले को इसका पूरा लाभ मिलता है। इन दवाओं को तैयार करने में स्वर्ण एवं कई अन्य प्रकार के फाइटो केमिकल्स का प्रयोग किया जाता है।
दीपक अभय कुमार ने बताया कि डीएनए द्वारा निर्मित दवाओं को पहले जीव—जंतुओं और मनुष्यों पर सफल परीक्षण करने के बाद ही उसे बाजार में लाया गया है। डीएनए द्वारा तैयार दवाओं से ब्रेस्ट, लीवर एवं प्रोस्टेट आदि कैंसरों का इलाज किया जा सकता है। उन्होंने आगे बताया कि अन्य प्रकार के कैंसरों के इलाज के लिए दवाएं बनाने और उनके परीक्षणों का काम अभी जारी है। इनके सफल परीक्षण के बाद उन्हें भी बाजार में उतार दिया जाएगा।

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