नहीं मानी हार, आखिर छठे प्रयास में सफलता पाकर ही लिया दम

अगर इरादे बुलन्द हो और कुछ करने की तमन्ना दिल में हो तो कामयाबी के पथ पर आगे बढने से कोई रोक नहीं सकता। कुछ ऐसी ही कहानी है राजेन्द्र डूडी...

By: मुकेश शर्मा

Published: 10 Apr 2019, 12:30 AM IST

चेन्नई।अगर इरादे बुलन्द हो और कुछ करने की तमन्ना दिल में हो तो कामयाबी के पथ पर आगे बढने से कोई रोक नहीं सकता। कुछ ऐसी ही कहानी है राजेन्द्र डूडी की जिन्होंने सिविल सेवा परीक्षा में 590 वीं रैंक हासिल की है।

राजस्थान के नागौर जिले के मकराना तहसील के रानीगांव निवासी राजेन्द्र डूडी वर्ष 2016 से चेन्नई में कस्टम अधिकारी के पद पर कार्यरत है। खास बात यह है कि उन्होंने यह सफलता छठे प्रयास में हासिल की। लगतार असफलता मिलने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार डटे रहे और आखिर सफलता हासिल करके ही दम लिया। छह बार परीक्षा दी और तीन बार साक्षात्कार तक भी पहुंचे लेकिन कामयाबी से दूर रहे। उनकी शिक्षा के क्षेत्र में विशेष कार्य करने की इच्छा है।

राजेन्द्र डूडी के पिता उगमाराम डूडी मकराना में पंचायत प्रसार अधिकारी के पद पर कार्यरत है। माता मोहिनीदेवी पंचायत समिति सदस्य रह चुकी है। पत्नी श्रवणी देवी वर्तमान में ग्राम पंचायत रानीगांव की सरपंच है। राजेन्द्र डूडी ने पं. बच्छराज व्यास आदर्श विद्या मंदिर डीडवाना नसे 88 फीसदी अंकों के साथ दसवीं उत्तीर्ण की। नोबल सीनियर सैकण्डरी स्कूल कुचामन सिटी से 84 फीसदी अंकों साथ बारहवीं की परीक्षा पास की। आईआईटी खडग़पुर से बीटेक किया। कालेज में रहते स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत जापान गए।

मुकेश शर्मा Reporting
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