नीट में असफल छात्रों की खुदकुशी का महिमामंडन न करें राजनेता

नीट में असफल छात्रों की खुदकुशी का महिमामंडन न करें राजनेता

P S Kumar Vijayaraghwan | Publish: Jun, 14 2018 08:40:40 PM (IST) Chennai, Tamil Nadu, India

मद्रास हाईकोर्ट ने कहा

चेन्नई. मद्रास हाईकोर्ट ने नीट में असफल विद्यार्थियों की आत्महत्या को राजनीतिक रंग देने के लिए राजनेताओं को फटकार लगाई है। अदालत ने कहा कि राजनेता नीट आत्महत्या का महिमामंडन न करें। नीट (नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट) को लेकर हो रही आत्महत्याओं के लिए सिर्फ सरकार ही जिम्मेदार नहीं है। हाईकोर्ट ने साफ कहा कि बच्चे के माता-पिता सहित अन्य लोग भी इसके लिए जवाबदेह हैं जो बच्चों पर बचपन से ही बहुत दबाव बनात रहते हैं। उन पर ज्यादा नंबर लाने का दबाव बनाया जाता है।


हाईकोर्ट में वकील एपी सूर्यप्रकाशम द्वारा दायर की गई एक याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के जस्टिस एन. किरुबाकरण ने यह टिप्पणी की। एपी सूर्यप्रकाशम ने मांग की थी कि उन अधिकारियों को दंडित किया जाए, जिन्होंने कोर्ट के २४ अगस्त, २०१७ के आदेश की अवमानना की। उन्होंने अपील में यह भी मांग की है प्रदेश सरकार को निर्देश दिया जाए कि इस तरह की आत्महत्याओं को रोकने के लिए काउंसलिंग सहित अन्य बचाव के कदम उठाए।


सरकार से दो हफ्ते में मांगा जवाब
इस अपील पर सुनवाई हुई तो सूर्यप्रकाशम ने कहा कि सरकार को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि ऐसे अभ्यर्थियों को परामर्श उपलब्ध कराएं जो मेडिकल कॉलेज की शिक्षा से वंचित होने के कारण निराशा की ओर चले गए हैं लेकिन अधिकारी दिशा-निर्देशों का पालन करने में असफल रहे। इस अपील की सुनवाई के दौरान दूसरे पक्ष की ओर से अपर महाधिवक्ता सी मणिशंकर ने कहा नीट से संबंधित दो आत्महत्या इस साल हुई हैं। यह बहुत ही दुखद है लेकिन सरकार छात्रों की मदद के लिए कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि यह पहली साल है जब सरकार ने आत्महत्याएं रोकने के लिए पहल की है इसके परिणाम आने में कुछ समय लगेगा। हालांकि, कोर्ट ने इस अपील को अवमानना के तौर पर स्वीकार नहीं किया। जस्टिस किरुबाकरण ने प्रदेश सरकार को दो हफ्ते में जवाब दाखिल करने को कहा है।

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