दसवीं कक्षा के विद्यार्र्थियों केे अंकों में हेरफेर न करने की चेतावनी

राज्य सरकार ने कहा कि विद्यार्थियों को 80 प्रतिशत अंक उनके त्रैमासिक और अर्धवार्षिक परीक्षा के आधार पर और 20 प्रतिशत उपस्थिति के आधार पर दिया जाएगा।

By: Vishal Kesharwani

Updated: 17 Jun 2020, 02:22 PM IST


- निजी स्कूलों को दी चेतावनी
चेन्नई. लगातार प्राप्त हो रही शिकायत की राज्य की कई निजी स्कूलों द्वारा दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों को प्रदान किए जाने वाले अंकों में हेरफेर करने की कोशिश की जा रही है, के बाद राज्य सरकार ने कहा कि विद्यार्थियों को 80 प्रतिशत अंक उनके त्रैमासिक और अर्धवार्षिक परीक्षा के आधार पर और 20 प्रतिशत उपस्थिति के आधार पर दिया जाएगा। आमतौर पर सभी स्कूलों के प्रबंधन से अपेक्षा की जाती है कि वे शिक्षा प्रबंधन सूचना प्रणाली, जो एक सामान्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है, मे छात्र की उपस्थिति रजिस्टर का डेटा, तिमाही और छमाही परीक्षा परिणाम समेत अन्य विवरण अपलोड करें। यह प्रक्रिया निजी स्कूलों के लिए अनिवार्य नहीं है। स्कूल शिक्षा निदेशालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सरकार के पास निजी संस्थानों का परीक्षा डेटा नहीं होने की वजह से अभिभावकों और शिक्षाविदों ने परीक्षा के अंकों में हेरफेर होने का संदेह जताया है।

 

उन्होंने कहा कि हम लोगों के पास निजी स्कूल के विद्यार्थियों का प्रदर्शन डेटा नहीं है, ऐसे में शिक्षा अधिकारियों के लिए उन्हें ट्रैक करना मुश्किल होगा और कुछ स्कूल हेरफेर करने की कोशिश कर सकते हैं। प्राप्त सभी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा कि ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार दसवीं के विद्यार्थियों के लिए ग्रेडिंग प्रणाली घोषित करने के साथ ही विभिन्न विकल्पों पर काम कर रही है। अंंकों में हेरफेर करने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। तमिलनाडु के कॉमन स्कूल सिस्टम के लिए राज्य मंच के महासचिव पी.बी. प्रिंस गजेन्द्र बाबू ने बताया कि त्रैमासिक और अर्धवार्षिक परीक्षाओं में प्राप्त अंकों की गणना कर दसवीं के विद्यार्थियों को अंक देना अन्याय होगा। उन विद्यार्थियों के साथ निश्चित तौर पर अन्याय होगा जो वास्तविक कारणों से अनुपस्थित रहें हैं लेकिन शैक्षणिक गतिविधियों में अच्छा प्रदर्शन करते हों। यदि उपस्थिति का 20 अंक दिया जाएगा तो ऐसे विद्यार्थियों के लिए कठिनाई हो सकती है।

 

उल्लेखनीय है कि हाल ही में सेंगोट्टयन ने दसवीं परीक्षा को 15 जून तक के लिए स्थगित करने की घोषणा की थी। इससे पहले 1 जून से ही परीक्षा निर्धारित थी। संशोधित सेड्यूल के अनुसार 15 से शुरू होने वाला परीक्षा 25 तक चलने वाला था और 9.५ लाख विद्यार्थी परीक्षा लिखने वाले थे। लेकिन पिछले कुछ दिनों से राज्य भर में कोविड 19 के मामलों में तेजी से हो रहे प्रसार को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री एडपाडी के. पलनीस्वामी ने परीक्षा को रद्द कर विद्यार्थियों को प्रमोट करने की घोषणा कर दी थी।

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Vishal Kesharwani
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