डीवीएसी ने तमिलनाडु के पूर्व मंत्री वीरामणि की 28 स्थानों पर संपत्तियों की तलाशी ली

समर्थकों ने अधिकारियों के साथ धक्का मुक्की भी की। सूत्रों ने बताया कि पूर्व मंत्री के सहयोगियों के घर भी रडार पर थे।

By: PURUSHOTTAM REDDY

Published: 16 Sep 2021, 03:53 PM IST

चेन्नई.

सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय (डीवीएसी) ने गुरुवार को चेन्नई, वेलूर, तिरुवणामलाई और तिरुपत्तूर में पूर्व वाणिज्यिक कर और पंजीकरण मंत्री केसी वीरामणि की संपत्तियों की तलाशी ली। वीरामणि के खिलाफ आरोप है कि उन्होंने चेक अवधि यानी 2016-21 के दौरान लगभग 28 करोड़ रुपए की आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है।

पुलिस के अनुसार पूर्व मंत्री के खिलाफ शिकायतों के आधार पर इन जिलों में 28 स्थानों पर सुबह करीब सात बजे से छापेमारी की गई। कुछ प्रमुख स्थानों की तलाशी ली गई, जो तिरुपतुर जिले के जोलारपेट में वीरमणि का आवास था।

किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए इन सभी जगहों पर खासकर उनके आवास पर पुलिसकर्मियों की एक बड़ी टीम तैनात की गई थी। अन्नाद्रमुक समर्थक भी जोलारपेट स्थित उनके आवास पर जमा हुए। छापेमारी के दौरान वीरामणि के समर्थकों ने जमकर बवाल किया। समर्थकों ने अधिकारियों के साथ धक्का मुक्की भी की। सूत्रों ने बताया कि पूर्व मंत्री के सहयोगियों के घर भी रडार पर थे।

जानकारी के अनुसार तमिलनाडु की पूर्व एआईएडीएमके की सरकार में वाणिज्यिक कर विभाग संभालने वाले वीरामणि जांच के दायरे में आने वाले तीसरे पूर्व मंत्री हैं। इससे पहले एमआर विजय भास्कर (परिवहन) और एसपी वेलुमणि (नगरपालिका प्रशासन) से भी पूछताछ की गई थी। वहीं एआईएडीएमके ने राज्य सरकार के इस कदम को राजनीतिक बदला करार दिया है। पार्टी के तरफ से बयान दिया गया है कि वीरामणि इस तरह के छापे से नहीं डरने वाले हैं और एआईएडीएमके उनके साथ है।

उधर तलाशी पर प्रतिक्रिया देते हुए एआईएडीएमके के वरिष्ठ नेता डी जयकुमार ने सत्तारूढ़ डीएमके पर पूर्व मंत्रियों पर बदले की कार्रवाई और जनता के सामने पार्टी की छवि खराब करने का आरोप लगाया।

PURUSHOTTAM REDDY
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