इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल और कंप्यूटर साइंस डिप्लोमा की मांग अधिक

इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल और कंप्यूटर साइंस डिप्लोमा की मांग अधिक
तमिलनाडु में पॉलिटेक्निक कॉलेजों में नए दाखिले एक लाख पार होने की संभावना
- तमिलनाडु सरकार ने दसवीं कक्षा के छात्रों को पास घोषित किया है

By: ASHOK SINGH RAJPUROHIT

Updated: 12 Jul 2021, 11:57 PM IST

चेन्नई. आमतौर पर, लगभग 50 सरकारी, 30 से अधिक सरकारी सहायता प्राप्त, और 400 से अधिक स्व-वित्तपोषित पॉलिटेक्निक कॉलेजों में हर साल लगभग 8०,००० फ्रेशर्स को प्रवेश दिया जाता है। इस वर्ष पॉलिटेक्निक कॉलेजों में प्रवेश तेज गति से चल रहा है। तकनीकी शिक्षा निदेशालय (डीओटीई) ने यह भी निर्णय लिया कि प्रथम वर्ष के डिप्लोमा और अंशकालिक डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन पंजीकरण को 19 जुलाई तक बढ़ा दिया गया है। .
डीओटीई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 25 जून से पॉलिटेक्निक कॉलेजों में दाखिले शुरू हो गए हैं और पहले दिन ही 10,000 से अधिक छात्रों ने ऑनलाइन नामांकन किया है।नए प्रवेश पहले ही 50,000 को पार कर चुके हैं। अधिकारी ने कहा कि माता-पिता के अनुरोध के बाद और इस तथ्य पर विचार करते हुए कि विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को ऑनलाइन नामांकन करना मुश्किल हो रहा है, अंतिम तिथि बढ़ा दी गई है।
उन्होंने कहा, डीओटीई ने यह भी व्यवस्था की है कि जिन छात्रों के पास ऑनलाइन नामांकन के लिए इंटरनेट तक पहुंच नहीं है, वे पंजीकरण के लिए सभी जिले में स्थापित तमिलनाडु पॉलिटेक्निक प्रवेश सुविधा केंद्र पर जा सकते हैं। अधिकारी ने कहा, भले ही छात्र दोनों परीक्षाओं के लिए उपस्थित नहीं हुए हैं, न्यूनतम 35 अंक आवंटित किए जा सकते हैं, जो पास अंक और इसलिए खराब प्रदर्शन करने वाले छात्रों को भी डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश मिल सकता है। इस वर्ष एक लाख से अधिक छात्रों के डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के लिए नामांकन की उम्मीद है।
प्रवेश क्षमता से अधिक
उन्होंने कहा, सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त संस्थानों में उनकी प्रवेश क्षमता से अधिक प्रवेश की संभावना है।अधिकारी ने कहा कि यदि नए प्रवेश प्रवेश क्षमता से अधिक थे, तो अतिरिक्त नामांकन को निकटतम कॉलेज में भेजा जाएगा ताकि सभी छात्र लाभान्वित हो सकें। अधिकारी ने कहा कि इस साल भी छात्रों के बीच इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल और कंप्यूटर साइंस डिप्लोमा की मांग अधिक रही। उन्होंने कहा, अन्ना विश्वविद्यालय के शैक्षिक मल्टीमीडिया अनुसंधान केंद्र के माध्यम से 700 से अधिक वीडियो मॉड्यूल तैयार किए गए हैं और यूट्यूब पर अपलोड किए गए हैं ताकि नए प्रवेशित छात्र इससे सीख सकें।

ASHOK SINGH RAJPUROHIT
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