ईपीएस डटे, ओपीएस हटे : एआईएडीएमके सीएम प्रत्याशी पलनीस्वामी

अगस्त से एआईएडीएमके में सीएम पद प्रत्याशी को लेकर जो उथल-पुथल शुरू हुई थी उसका पटाक्षेप मुख्यमंत्री ईके पलनीस्वामी (ईपीएस) के नाम पर मुहर लगने के साथ हो गया। उपमुख्यमंत्री और पार्टी संयोजक ओ. पन्नीरसेल्वम ने आधिकारिक रूप से पलनीस्वामी के नाम की घोषणा की तथा स्वयं को इस दौड़ से बाहर कर दिया।

By: MAGAN DARMOLA

Updated: 07 Oct 2020, 06:45 PM IST

चेन्नई. सीएम पद प्रत्याशी को लेकर अगस्त महीने से एआईएडीएमके में जो उथल-पुथल शुरू हुई थी उसका पटाक्षेप मुख्यमंत्री ईके पलनीस्वामी (ईपीएस) के नाम पर मुहर लगने के साथ हो गया। उपमुख्यमंत्री और पार्टी संयोजक ओ. पन्नीरसेल्वम ने बुधवार सुबह आधिकारिक रूप से पलनीस्वामी के नाम की घोषणा की तथा स्वयं को इस दौड़ से बाहर कर दिया। बहरहाल, एक दिन पहले तक दोनों नेताओं के बीच गंभीर तनाव दिखाई दे रहा था। ईपीएस के नाम की घोषणा के बाद कार्यकर्ताओं ने पटाखे जलाए और मिठाई बांटीं।

सुबह ईपीएस और ओपीएस रायपेट्टा स्थित पार्टी मुख्यालय पहुंचे। पदेन अध्यक्ष ई. मधुसूदनन की अध्यक्षता में बैठक हुई। ज्यादा देर नहीं लगाते हुए पलनस्वामी को सीएम प्रत्याशी घोषित कर दिया गया। साथ ही ओपीएस की मांग के अनुरूप ११ सदस्यीय मार्गदर्शन समिति का गठन कर दिया गया। यह बात और है कि इस समिति के अधिकार व शक्तियों को लेकर कुछ नहीं कहा गया है।

  • जयललिता के बाद पहले प्रत्याशी

किसान परिवार में जन्मे मुख्यमंत्री जे. जयललिता के बाद पार्टी की ओर से सीएम पद के पहले आधिकारिक प्रत्याशी बन गए हैं। १९८९ में एआईएडीएमके के दो फाड़ होने के बाद जयललिता बतौर सीएम प्रत्याशी १९९१ का विस चुनाव लड़ा था। उसके बाद से २०१६ के अंतिम चुनाव तक वे ही पार्टी प्रत्याशी थी।

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  • विपक्षियों के मंसूबे नाकाम

ओपीएस ने ईपीएस के नाम की घोषणा करते हुए कहा कि सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया है। उनके नाम का निर्णय पदेन अध्यक्ष की अध्यक्षता वाली बैठक में वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में किया गया है। इसके बाद वे बोले कि विपक्षी दल इस विषय में अपना लाभ ढूंढ रहे थे लेकिन उनके मंसूबे नाकाम कर दिए गए हैं। उन्होंने सामाजिक दूरी की धज्जियां उड़ाने वाली प्रेसमीट में मार्गदर्शन समिति के ११ सदस्यों के नामों की घोषणा भी की। इसके बाद ईपीएस ने ओपीएस को शॉल व बुके भेंट की। बाद में दोनों नेता जयललिता की समाधि पर गए और पुष्पसुमन चढ़ाए।

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  • मार्गदर्शन समिति

एआईएडीएमके की मार्गदर्शन समिति में जातिगत समीकरण और दोनों खेमों के नेताओं का ध्यान रखा गया है। इसमें ६ मंत्री हैं जो शुरू से ईपीएस के साथ हैं और शेष पांच ओपीएस समर्थक नेता हैं। समिति में मंत्री दिंडीगुल सी. श्रीनिवासन (मुकुलुथोर), पी तंगमणि और एसपी वेलुमनी (कोंगु वेल्लाला गौंडर), डी. जयकुमार (मछुआरा), सीवी षणमुगम (वन्नियार), आर. कामराज (मुकुलुथोर), जेसीडी प्रभाकर (ईसाई उडय़र), पी. मोहन (पिल्लई), आर. गोपाल कृष्णन (यादव) और के माणिक्कम विधायक (देवेंद्रकुला वेल्लालर) हैं।

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