फुटपाथ पर अतिक्रमण से खतरे में आवागमन

नएससी बोस रोड पर बड़ी संख्या में व्यावसायिक प्रतिष्ठान (busibess showroom) हैं, इसमें जितनी गलियां हैं यहां उतनी अधिक बिक्री (sale) होती है, जबकि इस इलाके में वाहन पार्किंग (wehicle parking) की कोई माकूल जगह नहीं मिलती है। ऐसे में लोग यहां के फुटपाथ (footpath) को पार्किंग के रूप मे इस्तेमाल करते रहे हैं।

चेन्नई. महानगर का प्रसार जितना अधिक है उतनी ही इसकी जनसंख्या है और इसी अनुपात में लोगों का सड़कों पर आवागमन होता है। लोगों के सुरक्षित आवागमन एवं खतरे से बचाने के उद्देश्य से हर बड़ी सड़क के दोनों ओर फुटपाथ की व्यवस्था दी गई है। विडम्बना यह है कि जनसंख्या के प्रसार के साथ रोजगार एवं वाहन पार्किंग समस्या ने भी पांव पसार लिए। इसी का परिणाम है कि लोगों ने फुटपाथ पर ही दुकानें सजा ली तो वाहन की पार्किंग भी वहीं बना दी। स्थिति यहां तक पहुंच गई कि शहर की सत्तर प्रतिशत से अधिक सड़कों के फुटपाथ अतिक्रमण का शिकार हैं, जिनका उद्देश्य राहगीरों का सुरक्षित आवागमन न होकर निजी कमाई का साधन बन गया। आश्चर्य की बात तो यह है कि जिस जगह एक बार अतिक्रमण हो गया वह कभी हटने का नाम नहीं लेता। कई फुटपाथ ऐसे भी हैं जहां अतिक्रमण समय-समय पर हटाया जाता है और फिर अतिक्रमी प्रशासनिक लोगों से मेलजोल कर फिर वापस वहीं आकर जम जाते हैं।

अतिक्रमण हटाने कुछ दिन बाद फिर जम जाते हैं
ऐसे ही फुटपाथों में शामिल है एनएससी बोस रोड और ईविनिंग बाजार रोड का फुटपाथ जहां पुलिसिया कार्रवाई तो कई बार हुई, अतिक्रमण फुटपाथ से हटाया भी गया लेकिन कुछ दिन बाद अतिक्रमी फिर उसी जगह अपना अड्डा जमा बैठे।
बताते चलें कि विगत मंगलवार को मद्रास हाईकोर्ट में याचिका की सुनवाई के बाद इन दोनों फुटपाथों से अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया था। कोर्ट के निर्देशानुसार एनएससी बोस रोड और ईवनिंग बाजार रोड के फुटपाथों पर कब्जा जमाए दुकानदारों पर कार्रवाई कर उनको हटा दिया गया था। लेकिन शनिवार को ही अतिक्रमियों ने फिर से वहीां दुकान लगा ली।

जगह की कम है अतिक्रमण का कारण
राहगीरों का कहना है कि अतिक्रमण का मूल कारण है इन बाजारों में जगह की कमी होना। न इनमें रोजगार के लिए जगह है और न ही वाहन पार्किंग के लिए। एनएससी बोस रोड पर बड़ी संख्या में व्यावसायिक प्रतिष्ठान हैं, इसमें जितनी गलियां हैं यहां उतनी अधिक बिक्री होती है, जबकि इस इलाके में वाहन पार्किंग की कोई माकूल जगह नहीं मिलती है। ऐसे में लोग यहां के फुटपाथ को पार्किंग के रूप मे इस्तेमाल करते रहे हैं।

राजनीतिक हस्तेक्षप है अतिक्रमण का मूल कारण
एनएससी बोस रोड पर स्टेशनरी की दुकान चला रहे चांदबाशा के अनुसार यहां के फुटपाथ पर अस्थायी दुकानदारों का कब्जा दशकों से है। कार्रवाई तो कई बार हुई, अस्थायी दुकानदारों को यहां से हटाया भी गया लेकिन राजनीतिक दखलंदाजी के सामने पुलिस असहाय होकर रह जाती है। स्थानीय स्तर पर राजनीति कर रहे सभी पार्टियों के कार्यकर्ता अपने वोट बैंक के कारण इन लोगों को बेरोजगार होने देना नहीं चाहते क्योंकि इन फुटपाथी दुकानदारों की रोजी रोटी इसी से चलता है।

Dhannalal Sharma
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