Covid19: एआईएडीएमके के पूर्व विधायक व एएमएमके के कोषाध्यक्ष का निधन

जे. जयललिता के लिए अपनी आरके नगर विधानसभा सीट से इस्तीफा देकर सुर्खियों में आ गए थे।

By: PURUSHOTTAM REDDY

Published: 15 Oct 2020, 08:48 PM IST

चेन्नई.

एआईएडीएमके के पूर्व विधायक (Ex-AIADMK MLA) और एएमएमके (AMMK) के कोषाध्यक्ष पी. वेट्रीवेल (P. Vetrivel) का कोरोना संक्रमण (Corona Virus) के चलते गुरुवार शाम को निधन हो गया। संक्रमित होने के बाद वेट्रीवेल को पोरूर स्थित श्री रामचंद्र हॉस्पिटल (Sri Ramachandra Hospital) के आईसीयू (ICU) में भर्ती कराया गया था। अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार सेप्टिक शॉक और अन्य कारणों (septic shock
and other causes) से गुरुवार को 6.40 बजे उनकी मृत्यु हो गई।

वेट्रीवेल को 6 अक्टूबर को कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था और इलाज चल रहा था। 9 अक्टूबर को उनकी तबियत बिगड़ गई और उन्हें आइसीयू में रखा गया। अस्पताल की ओर से तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

जयललिता के लिए सीट छोड़ा
आय से अधिक संपत्ति के मामले में बरी होने के बाद जे. जयललिता (J. Jayalalithaa) के चुनाव के लिए पी वेट्रीवेल ने अपनी आरके नगर (RK nagar) विधानसभा सीट से इस्तीफा देकर सुर्खियों में आ गए थे।

राजनीतिक सफर
वेट्रीवेल ने शुरू में कांग्रेस के साथ अपना राजनीतिक सफर शुरू किया और बाद में जयललिता की उपस्थिति में अन्नाद्रमुक में शामिल हो गए। उन्हें 2011 के विधानसभा चुनावों में आरके नगर सीट से चुना गया था, जिसे उन्होंने बाद में मई 2015 में खाली कर दिया था। कर्नाटक के एक ट्रायल कोर्ट ने डीए मामले में जयललिता को दोषी ठहराया था और उन्होंने मुख्यमंत्री पद गवां दिया लेकिन सितम्बर 2014 में वह मामले में बरी हो गई और फिर से तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बन गई। चूंकि जयललिता को छह महीने के भीतर विधानसभा के लिए निर्वाचित होना है, इसलिए वेट्रीवेल ने आरके नगर सीट खाली कर दी थी जहां से वह पहली बार 1.5 लाख से अधिक मतों के रिकॉर्ड अंतर से विधायक के रूप में चुनी गई थी।

2016 के विधानसभा चुनावों में जयललिता दोबारा आरके नगर से चुनाव लड़ी और वेट्रीवेल पेरम्बूर से चुने गए थे। हालांकि दिसम्बर 2016 में जयललिता की मृत्यु के बाद उन्होंने जयललिता के करीबी वीके शशिकला और उनके भतीजे टीटीवी दिनकरण के प्रति वफादारी दिखाई, जिन्होंने बाद में एएमएमके का गठन किया और उन्हें कोषाध्यक्ष बनाया। वेट्रीवेल शशिकला-दिनकरण गुट के प्रति निष्ठा रखने वाले 18 विधायकों में से एक थे, जिन्हें विधानसभा अध्यक्ष पी. धनपाल ने सितम्बर 2017 में मुख्यमंत्री एडपाडी पलनीस्वामी के समर्थन वापस लेने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया था।

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