scriptFake ED officials arrested for loot in TN | फर्जी ईडी अधिकारी बन कारोबारी के घर छापे मारकर डेढ़ करोड़ लूटे, पांच गिरफ्तार | Patrika News

फर्जी ईडी अधिकारी बन कारोबारी के घर छापे मारकर डेढ़ करोड़ लूटे, पांच गिरफ्तार

locationचेन्नईPublished: Feb 07, 2024 03:11:51 pm

Submitted by:

PURUSHOTTAM REDDY

- 1.69 करोड़ रुपए लूट लिया

फर्जी ईडी अधिकारी बन कारोबारी के घर छापे मारकर डेढ़ करोड़ लूटे, पांच गिरफ्तार
फर्जी ईडी अधिकारी बन कारोबारी के घर छापे मारकर डेढ़ करोड़ लूटे, पांच गिरफ्तार

चेन्नई.

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारी बनकर एक व्यवसायी के कार्यालय पर फर्जी छापेमारी करने और 1.69 करोड़ रुपए लूटने के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अपराधी दो लग्जरी कारें और कुछ महंगे मोबाइल फोन भी ले गए। आरोपियों की पहचान विजय कार्तिक (37), नरेंद्र नाथ (45), राजशेखर (39), लोकनाथन (41), गोपीनाथ (46) के रूप में हुई है। तिरुपुर में सूती धागे के व्यापारी अंगुराज और उसके साथी दुरै की शिकायत के बाद गिरफ्तारियां की गई। पुलिस के अनुसार, दोनों ने शिकायत की कि कुछ लोगों ने खुद को ईडी अधिकारी बताकर उनके साथ लूटपाट की।

परियोजना में निवेश का किया अनुरोध

शिकायतकर्ताओं ने कहा उनको हैदराबाद की एक निजी कंपनी से फोन आया, उसमें दावा किया गया कि वे कोयम्बत्तूर, तिरुपुर और ईरोड में एक निर्माण परियोजना को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। अंगुराज और दुरै के अनुसार, कॉल करने वालों ने उनसे निवेश का अनुरोध किया और उनको आश्वासन दिया कि उन्हें थोड़े समय के भीतर दो गुना राशि का भुगतान किया जाएगा। पुलिस ने कहा कि दोनों ने कॉल करने वालों पर विश्वास किया और 1.69 करोड़ रुपए का इंतजाम करने में कामयाब रहे। फिर कॉल करने वालों ने पैसे की तस्वीर मांगी, जिसे अंगुराज और दुरै दोनों ने तुरंत कॉल करने वालों को भेज दी।नकदी छीनकर कार से हुए फरार

कुछ देर बाद पांच लोगों का एक समूह अंगुराज के कार्यालय पहुंचा, जिन्होंने खुद को ईडी अधिकारी होने का दावा किया। अंगुराज और दुरै ने अपनी शिकायत में कहा कि पांचों ने नकदी छीन ली और दो लग्जरी कारें और मोबाइल फोन लेकर चले गए। उन्होंने सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी ले ली और मौके से भाग गए। सीसीटीवी फुटेज निकाले जाने के बाद सूती धागा व्यापारियों को संदेह हुआ। उन्होंने तिरुपुर शहर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तुरंत चार विशेष टीमों का गठन किया, जिन्होंने अपराधियों का पता लगाकर गिरफ्तार कर लिया।

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