जिंदगी की धूप में साया हैं पिता

जिंदगी की धूप में साया हैं पिता

shivali agrawal | Publish: Jun, 17 2019 04:18:20 PM (IST) Chennai, Chennai, Tamil Nadu, India

इस दिन भले ही कुछ छोटा सा पर एक तोहफा खरीद कर उन्हें दूं क्योंकि यह एक दिन है जब हम उन्हें महसूस करवा सकते हैं कि हम उनसे कितना प्यार करते हैं।

चेन्नई. मनुष्य जन्म लेकर एक सामाजिक आदमी बनने तक में हर इंसान के जीवन में उसके जन्मदाता का अहम रोल होता है। बच्चे के विकास में मां के साथ ही पिता की भूमिका भी उतनी ही जरूरी होती है। पिता की भूमिका में वक्त के साथ कई बदलाव आए हैं। हमारे देश में पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव के कारण अब कुछ नए त्यौहार दिवस के रूप में मनाए जाने लगे हैं। जून महीने के दूसरे रविवार को मनाए जाना वाला फादर्स डे भी इनमें से एक है। हमने इस दिन के लिए विशेष पिता-पुत्र, बेटियों के साथ पिता और पिछली पीढ़ी के पिता-पुत्रों के संबंधों के बारे में अपने पाठकों से बात की, तो समझ आता है कि नई पीढ़ी के पिता के अपने बच्चों के साथ संबंध दोस्ताना हो गए हैं। कुछ साल पहले तक बच्चे अपने पिता के साथ अपनी इच्छाएं बांटते तो थे पर मां के साथ ही दोस्ती होती थी जबकि इसके पहले की पीढ़ी में मां ही पिता तक हर बात पहुंचाने का जरिया होती थी।



 

कॉलेज प्रथम वर्ष के छात्र मारियो की मम्मी के शहर से बाहर होने पर पापा के साथ मिलकर खाना बनाना सबसे मजेदार टाइम पास है। मेरे पापा बहुत सिंपल पर्सन हैं। मां भी वर्किंग है और काम के सिलसिले में अकसर बाहर रहती हैं। इसलिए मेरा डैड के साथ ज्यादा वक्त बीतता है। वो हमारे जीवन में महत्पूर्ण भूमिका अदा करते हैं। फादर्स डे हमें अपने पिता के प्रति प्यार और सम्मान दर्शाने का मौका देता है। वो पूरे परिवार को आगे बढ़ाने के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं। वो इस बात का पूरा ध्यान रखते हैं कि हमें किसी भी चीज की कमी न हो। हम फादर्स डे के लिए किसी साउथ इंडियन रेस्टोरेंट में जाकर बढिय़ा मील्स खाते है। मेरे सादगी पसंद पापा के लिए यही एक बड़ा उपहार है। मेरी कोशिश रहती है कि इस दिन भले ही कुछ छोटा सा पर एक तोहफा खरीद कर उन्हें दूं क्योंकि यह एक दिन है जब हम उन्हें महसूस करवा सकते हैं कि हम उनसे कितना प्यार करते हैं।
- मारियो जूडी

 

आठवीं कक्षा में पढऩे वाली श्रीशक्ति के लिए उसके पापा सबसे बेस्ट बैडमिंटन पार्टनर हैं। उसका कहना है जब भी मैं अपने पिता के साथ मस्ती करती हूं तो मजा दुगुना हो जाता है। मैं अपने पापा की परी हूं। पापा के साथ बिताए हुए पल सबसे पसंदीदा और यादगार हैं। वो हमेशा मुझमें कॉफिडेंस बढ़ाते हैं। जब भी मेरा मनोबल नीचे होता है वो हमेशा मेरे साथ होते हैं और उनकी कोशिश होती है कि मेरा खुद पर से विश्वास न डिगे। मेरे पापा दुनिया में सबसे अच्छे हैं, मैं उन्हें बहुत प्यार करती हूं। -श्रीशक्ति बी.

सीए की आर्टिकलशिप कर रही स्वप्निका के पिता उसके लिए जीवन संबल हैं। उसका कहना है उन्हें मुझे देखकर ही समझ आ जाता है कि मेरे दिमाग में क्या चल रहा है। वो मेरे सर्पोट सिस्टम हैं। उन्होंने मुझे लगातार अपने कम्फर्ट जोन से बाहर निकलने और नई चीजें आजमाने के लिए प्रोत्साहित किया है। जिंदगी के हर मोड़ पर वो मेरे साथ रहेंगे। फादर्स डे मेरे लिए स्पेशल होता है। हम शॉपिंग के लिए जाएंगे। वो कभी भी अपने लिए कुछ नहीं खरीदते। लेकिन फादर्स डे पर उनकी शॉङ्क्षपग करवाई जाएगी। मैं उन्हें बताना चाहती हूं कि मैं उनकी बेटी होने के नाते खुद को भाग्यशाली मानती हूं और चाहती हूं कि किसी दिन वो भी मुझ पर गर्व कर सकें ऐसा कुछ कर संकू। -स्वप्निका मोदी

इस साल शादी होकर जयपुर से चेन्नई आई दीपिका का कहना है कि यूं तो मां और भाई से हमेशा बात होती रहती है पर पापा से बात करने के लिए कोई मौका हो तो ही बात हो पाती है। इसलिए ये दिन एक मौके की तरह ही लगता है कि चलो इस बहाने उनसे भी बात कर ली जाए। पापा से प्यार बहुत है पर घर में अनुशासनात्मक माहौल के चलते हमेशा मां के जरिए ही उन तक अपनी बात पहुचांई है। इसलिए फादर्स डे पर उन्हें गिफ्ट देकर उन तक अपनी भावनाएं पहुंचाने की कोशिश रहती है।

पेशे से इंजीनियर और अब खुद दो टीनएज बेटों के पिता अनुपम गोयल की मां का निधन तभी हो गया था जब वे कॉलेज में थे। तब से पिता ही उनकी मां की भूमिका में आए। अब अपने बच्चों के साथ ही वो भी फादर्स डे पर अपने पिता को विश करना नहीं भूलते। उनके पिता और उनके बीच अनुशासन के साथ ही प्यार का रिश्ता है। अनुपम के बेटे कुशाग्र और शौर्य का कहना है कि पापा के साथ ही दादा भी हमारे दोस्त हैं। पापा भले ही उनसे डरते हों लेकिन हमारे साथ पापा एक फ्रेंड की तरह हैं। हर बात, हर डिमांड पूरी करना ये पापा की सबसे अच्छी बात है। इस बार भी हम उनके लिए सरप्राइज प्लान कर रहे हैं।

 

खुद दादी और नानी की पदवी पा चुकी आशा अग्रवाल ने बताया कि उनके जमाने ऐसा कोई दिन नहीं होता था। अपने पिता का नाम याद आते ही उनकी छवि हमारे जेहन में एक मजबूत इंसान, पुख्ता रिश्ते और अडिग भाव की होती है। उनके साथ हम हिम्मत और ताकत का अनुभव करते हैं। हमेशा मां को सर्वोपरि माना जाता है लेकिन पिता का स्थान भी हमारे लिए उतना ही उच्च और महत्वपूर्ण है। पापा के लिए सबसे बड़ा उदाहरण नारियल है, जो कि ऊपर से सख्त और भीतर से नरम और मीठा होता है। घर की आधारशिला पिता होते हैं जिनकी जगह कोई नहीं ले सकता। - आशा अग्रवाल

अंजलि शर्मा ने कहा पापा से प्रेरित होकर एकाउंट्स मैं भविष्य बनाना चाहती हूं और आगे जाकर खुद का अपना एकाउंट्स ऑफिस या फिर किसी बैंक में काम करना चाहूंगी। कुसुम शर्मा का कहना है कि पापा से प्रेरित होकर खुद का बिजनेस करना चाहती हूं आने वाले समय में ऑनलाइन पोर्टल स्टॅर्ट कर उसमें अपना भविष्य बनाना चाहती हूं और ऊंचाई पर जाकर अपने पापा का सिर ऊंचा कर सकू।कृष्णा शर्मा ने कहा कि स्पोर्ट्स में भविष्य बनाकर पापा और देश का नाम ऊंचा करना चाहता हूं।

तुषार गौर का कहना है पापा से प्रेरित होकर स्क्रैप बिजनेस करना चाहता हूं और समय पर पापा का साथ भी देना चाहता हूं और उनके बिजनेस को ऊंचाई तक पहुंचा सकू ऋषभ गौर ने कहा डॉक्टर बनना चाहता हूं और समाज और इंसानियत की सेवा कर सकूं।

रिश्ता पंवार ने कहा पापा से प्रेरित होकर खुद का ड्राई फ्रूट्स का ऑनलाइन एवं ऑफलाइन स्टोर करना चाहती हूं और और पापा के बिजनेस में उनका हाथ बंटा सकूं ताकि उनको मुझपर गर्व हो।

 

रवि शर्मा ने कहा कि पापा से प्रेरित होकर खुद का बिजनेस करना चाहता हूं और मौका मिला तो शेयर मार्केट बिजनेस में भविष्य बनाना चाहता हूं और सफल होकर अपने पापा का सिर गर्व से ऊंचा करना चाहता हूं।

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