त्यौहारी सीजन में व्यापारियों की उम्मीदें जगीं

त्यौहारी सीजन में व्यापारियों की उम्मीदें जगीं
- कई आइटमों पर दिए जा रहे हैं ऑफर
- नवरात्रि से दीपावली के बीच एक महीने में अच्छी खरीदारी की उम्मीद जता रहे व्यापारी
- पिछले सात महीने की मंदी से उबरने की उम्मीद

By: Ashok Rajpurohit

Published: 16 Oct 2020, 07:31 PM IST

चेन्नई. अनलॉक-5 के बीच आने वाले त्यौहारी सीजन व्यापारियों के लिए संजीवनी का काम कर सकते हैं। अगले एक महीने में नवरात्रि, दशहरा, दीपावली समेत कई छोटे-बड़े पर्व है। ऐसे में लॉकडाउन एवं कोरोना महामारी के चलते भारी नुकसान झेल चुके व्यापारियों को कुछ उम्मीद के पंख जरूर लगे हैं। उन्हें आशा है कि भले ही पिछले दिवाली सरीखी ग्राहकी इस बार न भी देखने को मिले लेकिन जिस तरह पिछले छह-सात महीने ग्राहकों के मुंह देखने के लिए तरस गए थे वह कुछ भरपाई अगले एक महीने में होने की उम्मीद है।
दिवाली पर होती है इलेक्ट्रिक आइटमों की अधिक खऱीद
दिवाली के पर्व पर लोग खरीदारी अधिक करते हैं। इलेक्ट्रिक आइटम की भी खूब खरीद होती है। लोग अपने घरों को सजाने के लिए भी इलेक्ट्रिक लाइटें व अन्य सामान खरीदते हैं। इस बार कई जगह ऑफर दिए जा रहे हैं। ऐसे में ग्राहकों को लुभाने के लिए अन्य जतन भी किए जा रहे हैं। लॉकडाइन के कारण लम्बे समय तक दुकानों के बन्द रहने तथा बाद में ग्राहकी के जोर न पकड़ने के चलते व्यापारी अभी मंदी के दौर से ही गुजर रहे हैं। ऐसे में आने वाले पर्व-त्यौहार व्यापारियों को थोड़ा सुकून दे सकते हैं।
अन्य राज्यों में भी होती है आपूर्ति
चेन्नई के गोविन्दपा नायकन स्ट्रीट, कृष्णपा स्ट्रीट, स्ट्रोथन मुत्थिया मुद्दली स्ट्रीट एवं इसके आसपास की लगती गलियों में बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक की होलसेल व खुदरा दुकानें है जहां तमिलनाडु के साथ ही आसपास के राज्यों में इलेक्ट्रिक सामग्री की आपूर्ति होती है। त्यौहारी मौसम से पहले दुकानों में सजावट जगमग करने लगी है। सजावटी लाइटों के भी इस बार बिक्री की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि व्यापारियों का मानना है कि पिछले साल की तरह तो इस बार दिवाली पर ग्राहकी की उम्मीद नहीं है लेकिन जिस तरह से पिछले छह-सात महीने में ग्राहकी मंदी थी, उससे कुछ हद तक उबरने का मौका जरूर मिल जाएगा।
..............................

लॉकडाउन खुलने के बाद हालात में सुधार
लॉकडाउन खुलने के बाद अब अनलॉक में हालात में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। जो प्रोजेक्ट पेंडिंग चल रहे थे, उनकी आपूर्ति होने लगी है। मार्केट में उठाव होने लगा है। जो प्रोजेक्ट अधूरे छूट गए थे, उनमें डिलीवरी होने से वे पूरे हो रहे हैं। छोटे उद्योग भी अब पटरी पर आने लगे हैं। श्रमिकों की समस्या अब भी जरूर बनी हुई है। कई उद्योगों में दक्ष श्रमिकों को फ्लाइट से बुलाया गया है। ट्रेनें शुरू होने के बाद उद्योग और गति पकड़ सकेंगे। लाइटिंग, डेकोरेशन समेत अन्य सीजनल आइटम की बिक्री भी होनी शुरू हो गई है। जो नए घर बनते हैं उनमें बिजली का काम फिनिशिंग के बाद ही शुरू हो पाता है।
-चंचलराज खींवसरा, सलाहकार, दि मद्रास इलेक्ट्रिक ट्रेडर्स एसोसिएशन, चेन्नई।
........................

धीरे-धीरे बढ़ रही ग्राहकी
लॉकडाउन व कोरोना महामारी के बीच अब इलेक्ट्रिक व लाइटिंग की मांग धीरे-धीरे गति पकड़ने लगी है। हालांकि पिछले साल की तुलना में बिक्री बहुत कम हो रही है लेकिन कुछ समय में मार्केट फिर से पटरी पर आने लगेगा। इण्ड्रस्टी में खासकर श्रमिकों की कमी बनी हुई है और ऐसे में माल की सप्लाई चैन नहीं बन पा रही है। वायर व केबल की मांग भी बढ़नी शुरू हुई है। इस बार जो विशेष बात देखने में आ रही है वह यह है कि लोग ऑनलाइन खरीदारी पर अधिक जोर दे रहे हैं। जो होलसेल की बिजली की दुकानें हैं वहां पर छोटे दुकानदार ऑनलाइन माध्यम से ही ऑर्डर बुक कराने लगे हैं।
- भरत चौधरी, राजेश्वर ट्रेडिंग कंपनी, चेन्नई।

Ashok Rajpurohit
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned