scriptForest In India : Need to improve much in raising trees and forest | Forest In India : नैसर्गिक हरी पट्टी पर चढ़ी है करोड़ों की परत फिर भी चमक फीकी | Patrika News

Forest In India : नैसर्गिक हरी पट्टी पर चढ़ी है करोड़ों की परत फिर भी चमक फीकी

Forest In India : पेड़ों और वनों की कटाई और उनके नुकसान की खबरें कुछ क्षणों के लिए दिमाग को झकझोरती अवश्य है लेकिन देश में हरी पट्टी बिछाने के दिखावे का जो खेल है वह अनवरत जारी रहता है

चेन्नई

Published: March 21, 2022 07:55:49 pm

पी. एस. विजयराघवन

Forest In India : प्रकृति से खिलवाड़ का खामियाजा आम व्यक्ति को ही भुगतना पड़ता है। लेकिन इस खामियाजे के पीछे करोड़ों की बंदरबांट है। भारतीय उपमहाद्वीप के बड़े भू-भाग में वन भूमि विकास कार्यक्रमों के जो नारे और अभियान है उसके पीछे की सच्चाई वस्तुत: सामने नहीं आ पाती। पेड़ों और वनों की कटाई और उनके नुकसान की खबरें कुछ क्षणों के लिए दिमाग को झकझोरती अवश्य है लेकिन देश में हरी पट्टी बिछाने के दिखावे का जो खेल है वह अनवरत जारी रहता है। इंडिया स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट (आईएसएफआर) की रिपोर्ट के आंकड़े आश्चर्य में डालते हैं कि २०१९ से २०२१ के बीच वन क्षेत्र में महज ०.२ प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वन भूमि के वर्गीकरण और उन पर वनों (पेड़ों) की उपलब्धता को लेकर भी विरोधाभासी आंकड़े हैं। ऐस में यह समझ नहीं आता कि इस हरितिमा के पीछे का 'काला सचÓ क्या है?
Forest In India : नैसर्गिक हरी पट्टी पर चढ़ी है करोड़ों की परत फिर भी चमक फीकी
Forest In India : नैसर्गिक हरी पट्टी पर चढ़ी है करोड़ों की परत फिर भी चमक फीकी,Forest In India : नैसर्गिक हरी पट्टी पर चढ़ी है करोड़ों की परत फिर भी चमक फीकी,Forest In India : नैसर्गिक हरी पट्टी पर चढ़ी है करोड़ों की परत फिर भी चमक फीकी

वन और जीवन
खाद्य और कृषि संगठन (एफएओ) के मुताबिक वन दुनिया की स्थलीय जैव विविधता के लगभग 80 फीसदी का घर हैं, जिसमें 60,000 से अधिक पेड़ प्रजातियां हैं। लगभग 1.6 अरब लोग भोजन, आश्रय, ऊर्जा, दवाओं और आय के लिए सीधे जंगलों पर निर्भर हैं। दुनिया बार में हर साल 1 करोड़ हेक्टेयर जंगल गायब किए जा रहे हैं जो आइसलैंड के आकार के बराराबर का आकर है।

देश में वन
2019 से 2021 के बीच भारत के वन क्षेत्र में नगण्य वृद्धि हुई। इस विस्तार का अधिकांश भाग खुले जंगलों में रिकॉर्ड किए गए वन क्षेत्रों के बाहर की भूमि पर रहा है। आईएसएफआर 2021 के अनुसार दर्ज वन क्षेत्र 77.53 मिलियन या 7.753 करोड़ हेक्टेयर है। लेकिन इन भूमि पर वनावरण 51.66 मिलियन हेक्टेयर बताया जाता है। दर्ज वन क्षेत्र और वनावरण के बीच का यह अंतर उत्तरप्रदेश के भूगोल के बराबर है जिस पर पर्यावरण आधारित डाउन टू अर्थ पत्रिका की सम्पादक सुनीता नारायण ने सवाल उठाया है।

राज्यों को क्षतिपूरक कोष
केंद्र सरकार क्षतिपूरक वनीकरण कोष प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण के माध्यम से उद्योग जगत से पर्यावरण को होने वाली क्षति की एवज में क्षतिपूर्ति वसूल करता है जिसका ९० प्रतिशत धन राज्यों को देने की व्यवस्था है। इसे कैम्पा कोष कहा जाता है। केंद्रीय वन मंत्रालय ने २०२० में एक सवाल के जवाब में संसद को बताया था कि २०१९ तक राज्यों को पेड़ लगाने के लिए ४७ हजार ४३६ करोड़ रुपए स्थानांतरित किए गए लेकिन इनसे कितने पेड़ लगे उनका कोई विवरण उपलब्ध नहीं है। यह संकेत है कि वन विस्तार को लेकर धरातल पर क्या हो रहा है?

राज्यवार वनावरण (वर्ग किमी)
राज्य २०१९ २०२१
दिल्ली ५९.०७ ५९.१७
गुजरात ९७८५ ९८३५
मध्यप्रदेश ६४७५२ ६४७७२
राजस्थान १२५०१ १२५६०
तमिलनाडु १७५०८ १७५३१
(स्रोत : आईएसएफआर-२०२१)

वन क्षेत्र बढ़ाने का केंद्रीय बजट
वर्ष आवंटन
२०१८-१९ १७६.९४ करोड़
२०१९-२० १९३.६३ करोड़
२०२०-२१ १६०.०० करोड़
२०२१-२२ २२०.०० करोड़
(स्रोत : पीआईबी)

२ करोड़ हेक्टेयर वन का उल्लेख नहीं
हाल ही में जारी वन सर्वेक्षण रिपोर्ट में 25.87 मिलियन या 2.587 करोड़ हेक्टेयर वनों का कोई उल्लेख नहीं है। इसका कोई रिकॉर्ड नहीं है कि वे मौजूद हैं या वे किस स्थिति में हैं।
सुनीता नारायण, संपादक डाउन टू अर्थ

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

ज्योतिष: ऊंची किस्मत लेकर जन्मी होती हैं इन नाम की लड़कियां, लाइफ में खूब कमाती हैं पैसाशनि देव जल्द कर्क, वृश्चिक और मीन वालों को देने वाले हैं बड़ी राहत, ये है वजहताजमहल बनाने वाले कारीगर के वंशज ने खोले कई राजपापी ग्रह राहु 2023 तक 3 राशियों पर रहेगा मेहरबान, हर काम में मिलेगी सफलताजून का महीना इन 4 राशि वालों के लिए हो सकता है शानदार, ग्रह-नक्षत्रों का खूब मिलेगा साथJaya Kishori: शादी को लेकर जया किशोरी को इस बात का है डर, रखी है ये शर्तखुशखबरी: LPG घरेलू गैस सिलेंडर का रेट कम करने का फैसला, जानें कितनी मिलेगी राहतनोट गिनने में लगीं कई मशीनें..नोट ढ़ोते-ढ़ोते छूटे पुलिस के पसीने, जानिए कहां मिला नोटों का ढेर

बड़ी खबरें

IPL 2022: टिम डेविड की तूफानी पारी, मुंबई ने दिल्ली को 5 विकेट से हराया, RCB प्लेऑफ मेंपेट्रोल-डीज़ल होगा सस्ता, गैस सिलेंडर पर भी मिलेगी सब्सिडी, केंद्र सरकार ने किया बड़ा ऐलान'हमारे लिए हमेशा लोग पहले होते हैं', पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कटौती पर पीएम मोदीArchery World Cup: भारतीय कंपाउंड टीम ने जीता गोल्ड मेडल, फ्रांस को हरा लगातार दूसरी बार बने चैम्पियनआय से अधिक संपत्ति मामले में ओम प्रकाश चौटाला दोषी करार, 26 मई को सजा पर होगी बहसऑस्ट्रेलिया के चुनावों में प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन हारे, एंथनी अल्बनीज होंगे नए PM, जानें कौन हैं येगुजरात में BJP को बड़ा झटका, कांग्रेस व आदिवासियों के लगातार विरोध के बाद पार-तापी नर्मदा रिवर लिंक प्रोजेक्ट रद्दजापान में होगा तीसरा क्वाड समिट, 23-24 मई को PM मोदी का जापान दौरा
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.