भगवान का नाम ही कलयुग में श्रेष्ठ साधन

Arvind Mohan Sharma

Publish: Jun, 14 2018 02:43:26 PM (IST)

Chennai, Tamil Nadu, India
भगवान का नाम ही कलयुग में श्रेष्ठ साधन

शाम को मंगल पाठ किया गया

कलयुग में भागवत जैसा कोई पावन ग्रंथ नहीं है। भागवत में भक्ति, ज्ञान व वैराग्य की त्रिवेणी बह रही है,कलयुग में भागवत की कथा सुनने से भगवान से प्रेम होगा, भगवान के बारे में जानकारी होगी और जीवन सफल होगा

तिरुपुर. यहां दादी परिवार के तत्वावधान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के समापन दिवस के मौके पर आचार्य रमाकांत गोस्वामी ने कहा कि कलयुग में भागवत जैसा कोई पावन ग्रंथ नहीं है। भागवत में भक्ति, ज्ञान व वैराग्य की त्रिवेणी बह रही है। कलयुग में भागवत की कथा सुनने से भगवान से प्रेम होगा, भगवान के बारे में जानकारी होगी और जीवन सफल होगा। आचार्य ने कहा कि भगवान का नाम ही कलयुग में श्रेष्ठ साधन है। इसी में जीवन का कल्याण होगा। जैसे-तैसे मन भगवान में लग जाए, यह कथा श्रवण से होगा। इस मौके पर दादी परिवार ने आचार्य का पूजन किया। अंत में सभी ने हवन में भाग लिया। शीला शाह ने बताया कि शाम को मंगल पाठ किया गया। आयोजन में दादी परिवार की प्रभा तोदी, सरोज पित्ती, अर्पिता पित्ती, वीरा कामदार, चंदा डिडवानिया, मधु चौधरी, मंजू पारस, मीनाक्षी सरावगी, छाया परमानंदका, उषा परमानंदका आदिका सक्रिय योगदान रहा।

 

 

आजीवन कारावास के कैदी की मौत,छाती में तेज दर्द होने के कारण मृत्यु हो गई,पुलिस ने बताया कि चिन्नाकलई (47 ) नामक्कल जिले में रासीपुरम का रहनेवाला था
कोयम्बत्तूर. यहां केन्द्रीय कारागार में आजीवन कारावास की सजा काट रहे एक कैदी की बीती रात छाती में तेज दर्द होने के कारण मृत्यु हो गई। पुलिस ने बताया कि चिन्नाकलई (47 ) नामक्कल जिले में रासीपुरम का रहनेवाला था। हत्या के एक मामले में वह वर्ष 2007 से आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। मंगलवार रात छाती में तेज दर्द के कारण वह चीखने लगा। अधिकारियों ने उसे सरकारी अस्पताल पहुंचाया लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। पुलिस ने मामला दर्ज किया है।

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