देवी लक्ष्मी नारायणी का हुआ 10,008 मंजल जलाभिषेक

यहां श्रीपुरम स्थित श्री नारायणी पीठम की 26वीं वर्षगांठ हर्षोल्लास से मनाई गई जिसमें राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने भी हिस्सा लिया।

By: मुकेश शर्मा

Published: 07 Jun 2018, 09:59 PM IST

वेलूर।यहां श्रीपुरम स्थित श्री नारायणी पीठम की 26वीं वर्षगांठ हर्षोल्लास से मनाई गई जिसमें राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने भी हिस्सा लिया। इस अवसर पर सवेरे स्वामी श्री शक्ति अम्मा के सान्निध्य में पुजारियों ने देवी लक्ष्मी नारायणी की वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा की एवं बाद में महाआरती हुई।

इसके साथ ही नारायणी स्कूल से हाथी-घोड़े व बंैड बाजे के साथ शोभायात्रा निकाली गई जिसमें 10,008 श्रद्वालुओं ने मंजल जल कलश सिर पर रखकर हिस्सा लिया। शोभायात्रा अरिउर रोड, अन्नैकट रोड होते हुए मंदिर पहुंची जहां श्रद्धालुओं ने देवी लक्ष्मी नारायणी की प्रतिमा पर मंजलाभिषेक किया तथा पूजा की। इस मौके पर आयोजित लक्ष्मी नारायणी महायज्ञ में श्रद्धालुओं के साथ ही राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने भी आहुतियां दी।

अवमानना मामले में कंपनी के निदेशकों के देश से बाहर जाने पर रोक

मद्रास हाईकोर्ट ने ***** एसेट लीड इंडिया लिमिटेड के निदेशकों के अगले आदेश तक देश से बाहर जाने पर रोक लगा दी है। कंपनी पर आरोप है कि वह १,१३० करोड़ के निवेश घोटाले में लिप्त है। एक निवेशक द्वारा कोर्ट की अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश इंदिरा बनर्जी और न्यायाधीश कुद्दोस ने सभी निदेशकों को संबंधित संपत्ति दस्तावेज कोर्ट द्वारा नियुक्त समिति के समक्ष पेश करें।
सुनवाई के दौरान अतिरिक्त महाधिवक्ता सी. मणिशंकर ने कहा कि मामले की सुनवाई में देरी और समिति के काम में देरी करने के लिए कंपनी के निदेशक विदेश जा सकते हैं।

याचिका प्राप्त करने के बाद कोर्ट ने अवमानना का नोटिस जारी करते हुए कंपनी के सभी निदेशकों के दो माह तक देश से बाहर कहीं भी जाने पर रोक लगा दी है। मामले की अगली सुनवाई ४ जून तक के लिए टाल दी गई है।

गौरतलब है कि ११ साल पहले १२ लाख निवेशकों ने कंपनी को प्लॉट खरीदने के लिए १,१३७ करोड़ रुपए का निवेश किया। कोर्ट ने इस मामले में जम्मू-काश्मीर के सेवानिवृत्त जज एन पॉल वसंतकुमार के नेतृत्व में मामले की पड़ताल के लिए नौ सदस्यीय समिति का गठन किया। कंपनी ने वर्ष २००६ में कृषि योग्य भूमि की खरीद, विकास व उसके देखभाल लिए एक योजना जारी की जिसकी खरीददारी में मोटी रकम देकर बाकी के पैसे किस्तों में देने की बात कही गई थी। कंपनी ने इस योजना के तहत १२ लाख निवेशकों से १,१३७ करोड़ रुपए वसूले लेकिन न तो उन्हें अब तक प्लॉट दिया गया और न ही उनके पैसे वापस किए गए।

मुकेश शर्मा Reporting
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