scriptGovernment attitude towards Retri Lake is indifferent | रेटेरी झील के प्रति सरकार का रवैया उदासीन | Patrika News

रेटेरी झील के प्रति सरकार का रवैया उदासीन

जहां महानगर जलसंकट से परेशान है वहीं मौजूदा सरकार इस संकट के प्रति अभी भी लापरवाह बनी हुई है। सरकार जलसंकट से उबरने के लिए कोई ऐसा प्रयास...

चेन्नई

Published: July 02, 2019 12:30:59 am

चेन्नई।जहां महानगर जलसंकट से परेशान है वहीं मौजूदा सरकार इस संकट के प्रति अभी भी लापरवाह बनी हुई है। सरकार जलसंकट से उबरने के लिए कोई ऐसा प्रयास नहीं कर रही है जिससे यह पता चले कि सरकार वाकई आमजन के प्रति गंभीर है।

Government attitude towards Retri Lake is indifferent
Government attitude towards Retri Lake is indifferent

गौरतलब है कि रेडहिल्स झील जो महानगर का सबसे बड़ा जलस्रोत है, वह पूर्णरूपेण सूख चुका है। सतह पर बड़ी बड़ी दरार पड़ गई है, लेकिन सरकार इस सरोवर के जीर्णोद्धार के प्रति अभी भी लापरवाह बनी हुई है। पीडब्ल्यूडी विभाग ने इस सरोवर को गहरा करने और गाद निकालने के लिए महज एक जेसीबी मशीन को काम में लगाया है, जबकि इस सरोवर को गहरा करने और गाद निकालने के लिए दर्जन से भी अधिक जेसीबी लगाने की दरकार है। चारों तटबंध को भी मजबूत करने की जरूरत है।

रेडहिल्स सरोवर का उत्तरी भाग बिलकुल सूख गया है। और तटबंध भी ध्वस्त हो चुका है। सरोवर के अंदर घास फूस उग आया है जिनमें माल-मवेशी चरने लगे हैं। ऐसे में सरकार की यह जिम्मेदारी बनती है कि इस सरोवर को आगामी मानसून आने से पहले इसका कायाकल्प करें ताकि जलाशय में जलसंग्रहण मुकम्मल हो सके।
स्थानीय निवासियों का आरोप हैै कि सरकार की उदासीनता के कारण ही रेडहिल्स सरोवर सूख गया है। वर्ष २०१५ के अप्रैल में जब चेन्नई में जल संकट उत्पन्न हुआ था उस समय भी इस जलाशय में पानी बहुत कम गया है, यदि सरकार रेटेरी झील की तरह इन जलाशयों का भी कायाकल्प कराई होती तो आज महानगर को प्यास बुझाने के लिए इतनी जद्दोजहद नहीं करनी पड़ती।

रेटेरी - कोरटूर झील के प्रति उदासीन सरकार

यह अलग बात है कि मेट्रो वाटर विभाग ने रेटेरी झील के पानी के उपयोग के लिए जल शुद्धीकरण का काम शुरू कर दिया है, लेकिन इन झीलों के सांैदर्यीकरण, साफ-सफाई आदि कार्यों के प्रति अभी भी सरकार गंभीर नहीं है। रेटेरी झील के दक्षिणी तटबंध का निर्माण हो चुका है। लेकिन इस तटबंध का उपयोग लोग शौचालय के रूप में करने लगे हैं। यह तटबंध पर गंदगी इस कदर नजर आता है कि यहां से गुजरना भी कठीन है। जबकि इस जलाशय में अभी भारी मात्रा में पानी उपलब्ध है। वही रेटेरी झील के उत्तरी भाग में अब तक जलकुंभी जस की तस है।

उत्तरी भाग में बांध बनाने का काम शुरू भी नहीं हुआ है। वही पश्चिमी भाग में सीवर का नाला बहता है, बारिश और बाढ़ आने की स्थित में रेटेरी के इस नाले और झील का पानी मिश्रित हो जाता है। लेकिन इस नाला और झील के बीच बांध अब तक नहीं बनाया गया है। इससे स्पष्ट है कि सरकार जल संग्रहण के प्रति अभी भी लापरवाह बनी हुई है। जबकि शहर पानी के लिए त्राहिमाम कर रहा है।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

यहाँ बचपन से बच्ची को पाल-पोसकर बड़ा करता है पिता, जैसे हुई जवान बन जाता है पतियूपी में घर बनवाना हुआ आसान, सस्ती हुई सीमेंट, स्टील के दाम भी धड़ामName Astrology: पिता के लिए भाग्यशाली होती हैं इन नाम की लड़कियां, कहलाती हैं 'पापा की परी'इन 4 राशियों के लड़के अपनी लाइफ पार्टनर को रखते हैं बेहद खुश, Best Husband होते हैं साबितजून में इन 4 राशि वालों के करियर को मिलेगी नई दिशा, प्रमोशन और तरक्की के जबरदस्त आसारमस्तमौला होते हैं इन 4 बर्थ डेट वाले लोग, खुलकर जीते हैं अपनी जिंदगी, धन की नहीं होती कमी1119 किलोमीटर लंबी 13 सड़कों पर पर्सनल कारों का नहीं लगेगा टोल टैक्ससंयुक्त राष्ट्र की चेतावनी: दुनिया के पास बचा सिर्फ 70 दिन का गेहूं, भारत पर दुनिया की नजर

बड़ी खबरें

पाकिस्तान ने भेजी है विषकन्या: राजस्थान इंटेलिजेंस ने सेना को तस्वीरें भेज कर किया अलर्टकुतुब मीनार एक स्मारक, किसी भी धर्म को पूजा-पाठ की इजाजत नहीं', साकेत कोर्ट में ASI का हलफनामाPooja Singhal Case: झारखंड की 6 और बिहार के मुजफ्फरपुर में ED की एक साथ छापेमारी, अहम सुराग मिलने की उम्मीदकर्नाटक के पूर्व सीएम सिद्धारमैया का विवादित बयान, 'मैं हिंदू हूं, चाहूं तो बीफ खा सकता हूं..'सबसे आगे मोदी, पीछे से बाइडेन सहित अन्य नेता, QUAD Summit से आई PM मोदी की ये तस्वीर वायरलआर्थिक तंगी और तेल की कमी से जूझ रहे पाकिस्तान ने ढूंढा अजीब तरीका, कर्मचारियों को ज्यादा छुट्टियां देने की तैयारी!QUAD Summit: अमरीकी राष्ट्रपति ने उठाया रूस-यूक्रेन युद्ध का मुद्धा, मोदी बोले- कम समय में प्रभावी हुआ क्वाड, लोकतांत्रिक शक्तियों को मिल रही ऊर्जाWhat is IPEF : चीन केंद्रित सप्लाई चैन का विकल्प बनेंगे भारत, अमरीका समेत 13 देश
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.