मूर्ति तस्करी मामला पड़ताल में सरकार की किरकिरी

सीबाआइ जांच का शासनादेश खारिज

By: PURUSHOTTAM REDDY

Published: 01 Dec 2018, 02:10 PM IST

चेन्नई. मूर्ति तस्करी मामलों की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) को सौंपने के सरकार के शासनादेश को मद्रास उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को खारिज कर दिया। सरकार ने आईजी पोन माणिकवेल की अध्यक्षता में मूर्ति तस्करीरोधी इकाई द्वारा की जा रही जांच को सीबीआइ के हवाले करने का आदेश जारी किया था। हाईकोर्ट ने इस मामले की जांच कर रहे आईजी माणिकवेल का कार्यकाल भी एक साल के लिए बढ़ाते हुए उन्होंने विशेष अधिकारी नियुक्त किया है। वे शुक्रवार को सेवानिवृत्त हुए। वे शुक्रवार को सेवा निवृत्त हुए।
न्यायाधीश आर. महादेवन और न्यायाधीश पी. डी. आदिकेशवलु की न्यायिक पीठ ने यह आदेश जारी करते हुए मूर्ति विंग के मुखिया को लेकर उठ रहे सवालों को विराम दिया। गौरतलब है कि इस विंग से आईजी माणिकवेल को हटाने के सरकार के निर्णय को इसी न्यायिक पीठ ने पहले पलट दिया था। इसी वजह से सरकार ने १ अगस्त को शासनादेश जारी करते हुए सारे लम्बित और भावी मामलों को सीबीआइ के हवाले करने का निर्णय किया था।
इस शासनादेश को एलिफेंट जी. राजेंद्रन ने पीआईएल के जरिए चुनौती दी। कोर्ट ने इस जीओ पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे न्यायिक अवमानना के समान बताया था। इस याचिका पर चार महीने तक सुनवाई चली और २२ नवम्बर को पीठ ने अपना फैसला सुरक्षित कर लिया था।
पोन माणिकवेल जो रेलवे आईजी भी हैं शुक्रवार को सेवानिवृत्त हुए लेकिन हाईकोर्ट ने उनको आइडल विंग पर एक साल तक बने रहने की सौगात दी। जबकि सुबह सरकार ने आईपीएस अभय कुमार सिंह को आइडल विंग के आईजी की कमान सौंपी थी। पोन माणिकवेल जो रेलवे आईजी भी हैं शुक्रवार को सेवानिवृत्त हुए लेकिन हाईकोर्ट ने उनको आइडल विंग पर एक साल तक बने रहने की सौगात दी। जबकि सुबह सरकार ने आईपीएस अभय कुमार सिंह को आइडल विंग के आईजी की कमान सौंपी थी।

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