TAMILNADU: सरकारी डॉक्टरों का अनिश्चितकालित हड़ताल २५ से

Director of Medical Education directed not to grant leave to any doctor

मेडिकल शिक्षा के निदेशक ने किसी भी डॉक्टर को छुट्टी नहीं देने का दिया निर्देश

सरकारी डॉक्टरों का अनिश्चितकालित हड़ताल २५ से
-वेतन में वृद्धि समेत कई अन्य मांगों को पूरा करने की मांग
-मेडिकल शिक्षा के निदेशक ने किसी भी डॉक्टर को छुट्टी नहीं देने का दिया निर्देश
चेन्नई. वेतन में वृद्धि समेत अपनी विभिन्न मांगों को पूरा कराने की मांग करते हुए फेडरेशन ऑफ गवर्नमेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने २५ अक्टूबर से अनिश्चितकालिन हड़ताल पर जाने की घोषणा की है। फेडरेशन के एक सदस्य ने बताया कि वेतन में वृद्धि, मेडिकल एजुकेशन में कोटा और वादे के मुताबिक अधिक डॉक्टरों की नियुक्ति की मांग करते हुए प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान डॉक्टर सिर्फ आपातकालिन वार्ड, लेबर वार्ड और आईसीयू वार्ड में आपातकालिन स्थिति में कार्य करेंगे। लेकिन जब तक मामला सुलझता नहीं है तब तक आउट पेसेंट सेवा, सर्जरी और अस्पताल में भर्ती मरीजों का इलाज नहीं किया जाएगा। सेवा चिकित्सक और पोस्ट ग्रेजुएट एसोसिएशन के डॉ ए. रामलिंगम ने कहा कि सरकार को पर्याप्त समय प्रदान करने के बाद ही हम हड़ताल के लिए आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि सरकार द्वारा एमसीआई मानदंड के आधार पर डॉक्टरों की नियुक्ति हो, मेडिकल शिक्षा में ५० प्रतिशत सर्विस कोटा मिले और सर्विस पोस्ट ग्रेजुएट के तबादले के पहले उचित परामर्श लिया जाए। हड़ताल में १८ हजार डॉक्टरों में से १३ हजार डॉक्टरों ने समर्थन करने की स्वीकृति दी है। उन्होंने कहा कि गत अगस्त महीने में छह डॉक्टरों द्वारा पांच दिन के भुख हड़ताल करने के बाद राज्य के स्वास्थ्य मंत्री सी. विजयभास्कर ने छह सप्ताह के अंदर वेतन वृद्धि समेत सभी मांगों को पूरा करने का वादा किया था। मांगों पर विचार विमर्श करने के लिए तमिलनाडु राज्य एड्स कंट्रोल सोसायटी प्रोजेक्ट के निदेशक डॉ के. सेंथिल राज को विशेष अधिकारी के तौर पर नियुक्त भी किया गया था। उसके बाद गत ९ अक्टूबर को फेडरेशन के सदस्यों ने स्वास्थ्य सचिव बीला राजेश से मुलाकात की तो पता चला कि मांगों पर अब तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हुई है।

- मेडिकल शिक्षा के निदेशक का निर्देश

इससे पहले मेडिकल शिक्षा के निदेशक डॉ. ए. नारायणबाबु ने अस्पतालों के डीन और प्रमुखों को एक परिपत्र जारी कर किसी भी डॉक्टर को सोमवार से छुट्टी प्रदान नहीं करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि बिना पूर्व सूचना के अगर कोई छुट्टी लेता है तो उसे अनधिकृत माना जाएगा और नो वर्क नो पे के आधार पर भत्ता तय होगा। इसके अलावा छुट्टी को सेवा में विराम माना जाएगा। साथ ही नारायणबाबु ने सभी से दैनिक आधार पर उपस्थिति रिपोर्ट प्रदान करने की भी मांग की। इसी बीच तमिलनाडु सरकारी डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष के. सेंथिल समेत अन्य सदस्यों ने ३० अक्टूबर से ४८ घंटे के हड़ताल की घोषणा की है। सेंथिल ने कहा कि केंद्र सरकार के डॉक्टरों को चौथे, नौवें और तेरहवें साल में पदोन्नती मिलती है। हम लोगों को उनके चौथे साल के पदोन्नती जितना वेतन १५वें और १३वें जितना वेतन २०वें साल में मिलता है। हम लोग कड़ी मेहनत करते हैं लेकिन हमे उस तरह से पैसे नहीं दिए जाते हैं।

Vishal Kesharwani
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