कार्पोरेशन ने मरीना के लिए 900 पुशचार्ट खरीदने की प्रक्रिया की शुरू

ग्रेटर चेन्नई कार्पोरेशन ने मरीना बीच के वेंडरों के लिए स्मार्ट पुशचार्ट खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। निगम ने 900 पुशकार्ट खरीदने के लिए एक निविदा को अंतिम रूप दिया है

By: Vishal Kesharwani

Updated: 16 Oct 2020, 02:01 PM IST


-अगले छह माह में होगा वितरण
चेन्नई. ग्रेटर चेन्नई कार्पोरेशन ने मरीना बीच के वेंडरों के लिए स्मार्ट पुशचार्ट खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। निगम ने 900 पुशकार्ट खरीदने के लिए एक निविदा को अंतिम रूप दिया है, जिसमें उचित सुरक्षा सुविधाएं और समुद्र तट पर स्वच्छ भोजन की बिक्री और खाद्य उत्पादों को बेचने के तरीकों में बदलाव होगा। समुद्र तट पर केवल 900 दुकानों को अनुमति देने को लेकर निगम ने मद्रास हाईकोर्ट को जानकारी दी थी। इसके तहत हर वर्ष लाइसेंस शुल्क के रूप में प्रत्येक वेंडरों से 3 हजार रूपए वसूले जाएंगे। निगम के एक अधिकारी ने बताया कि इस योजना के लिए निगम द्वारा 16.५ करोड़ का खर्च किया जाएगा और अगले छह महीने के अंदर चार्ट का वितरण हो जाएगा। सूत्रों के अनुसार इस पुशचार्ट की लंबाई 2.२ मिटर होगी। खाने को गंदगी से बचाने के लिए ओवरहेड सेड की व्यवस्था भी होगी।

 

पीछे और सामने की दीवार को हवा से उडऩे वाली धूल से बचाने के लिए आधा खोला जाएगा और प्रत्येक चार्ट को एक अग्निशामक यंत्र प्रदान किया जाएगा। पर्याप्त लाइट की व्यवस्था के लिए 20 एलइडी लाइट लगाए जाएंगे। चार्ट में ऐसी व्यवस्था होगी जिससे खाद्य पदार्थो के संपर्क में आने वाली सभी सतहें गैर विषैले और चिकनी चीजे आसानी से साफ हो जाएंगी। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि 900 पुशचार्ट में 60 प्रतिशत चार्र्ट उनको दिया जाएगा जो मौजूदा स्ट्रीट वेंडर हैं और 40 प्रतिशत उनको दिया जाएगा जो बीच के पास व्यापार शुरू करने के इच्छुक हैं। निगम ने पहले ही नियम और शर्तो के तहत वेंडिंग शुल्क, समय और मासिक किराए के विवरण के साथ आवेदन प्राप्त कर लिया है।

 

उल्लेखनीय है कि पिछले साल दिसंबर में निगम ने कोर्ट को बताया था कि मरीना बीच पर सिर्फ 900 वेंडरों को ही अनुमति दी जाएगी। इसके लिए 27 करोड़ की लागत से एक समान वेंडिंग गाडिय़ां खरीद कर सभी को प्रदान की जाएगी। एक समान गाडिय़ों के अलावा बीच पर किसी अन्य को दुकान लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। वर्ष 2017 में 1544 वेंडरों की पहचान की गई थी, जिसमें से 1486 वेंडरों को पहचान कार्ड दिया गया था। उसके बाद 2019 में आयोजित गणना के अनुसार बीच पर 1962 दुकानें थी, जिसमें से सिर्फ 808 वेंडरों के पास पहचान पत्र थी।

Vishal Kesharwani
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