न्यायाधीश शशिधरन ने स्टरलाइट मामले की सुनवाई से खुद को किया अलग

न्यायाधीश शशिधरन ने स्टरलाइट मामले की सुनवाई से खुद को किया अलग

shivali agrawal | Updated: 12 Jun 2019, 12:41:24 PM (IST) Chennai, Chennai, Tamil Nadu, India

मद्रास उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के.के. शशिधरन ने खुद को उस संविधान पीठ से अलग कर लिया है जो तुत्तुकुड़ी संयंत्र को फिर से खोलने की अनुमति देने के लिए स्टरलाइट कॉपर द्वारा दायर मामले की सुनवाई के लिए गठित की गई थी।

चेन्नई. मद्रास उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के.के. शशिधरन ने खुद को उस संविधान पीठ से अलग कर लिया है जो तुत्तुकुड़ी संयंत्र को फिर से खोलने की अनुमति देने के लिए स्टरलाइट कॉपर द्वारा दायर मामले की सुनवाई के लिए गठित की गई थी। न्यायाधीश आशा के साथ वाली इस पीठ के समक्ष जब मामले को सूचीबद्ध किया गया तब उन्होंने यह घोषणा की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ की सुनवाई के समय न्यायाधीश शशिधरन ने इस मामले में आदेश पारित किया था। इसलिए अब वे इस मामाले से बच रहे हैं। उन्होंने मद्रास उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश विजया ताहिलरमानी से मामले को अलग पीठ में स्थानांतरित करने की सिफारिश भी की है।
उल्लेखनीय है कि तुत्तुकुड़ी में स्टरलाइट कॉपर प्लांट के कारण फैल रहे प्रदूषण के कारण स्थानीय जनता ने इसे बंद करने के लिए प्रदर्शन किया था। 100 दिन तक चले इस विरोध प्रदर्शन में पुलिस फायरिंग में एक दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। बाद में राज्य सरकार ने प्लांट को बंद करने का आदेश दिया था।

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