हाईकोर्ट का फैसला एमकेयू कुलपति की नियुक्ति खारिज

हाईकोर्ट का फैसला एमकेयू कुलपति की नियुक्ति खारिज

P.S.Vijayaraghavan | Publish: Jun, 14 2018 05:26:21 PM (IST) Chennai, Tamil Nadu, India

उल्लेखनीय है कि राज्य के विवि में कुलपतियों के पद एक साल से भी ऊपर तक खाली थे। मदुरै कामराज विवि में वीसी का पद २ साल से रिक्त था।

चेन्नई. विश्वविद्यालय के कुलपति की अर्हता नहीं रखने की वजह से मदुरै कामराज विवि (एमकेयू) के कुलपति चेल्लदुरै की नियुक्ति को मद्रास उच्च न्यायालय ने गुरुवार को खारिज कर दिया।


उल्लेखनीय है कि राज्य के विवि में कुलपतियों के पद एक साल से भी ऊपर तक खाली थे। मदुरै कामराज विवि में वीसी का पद २ साल से रिक्त था।

राज्यपाल ने २७ मई २०१७ को मद्रास विवि और मदुरै कामराज विवि के वीसी के रूप में क्रमश: दुरैसामी और चेल्लदुरै की नियुक्ति की।
सामाजिक कार्यकर्ता ट्रेफिक आर. रामस्वामी ने चेल्लदुरै की नियुक्ति को मद्रास उच्च न्यायालय में चुनौती देते हुए याचिका दायर की।
याची ने कहा कि विवि का कुलपति होने की न्यूनतम अर्हता बतौर प्रोफेसर दस साल के अध्यापन का अनुभव तथा उच्च अकादमिक स्तर होना चाहिए। जबकि एमकेयू के कुलपति बनाए गए चेल्लदुरै के पास प्रोफेसर होने का अनुभव नहीं है।
याचिका का निपटारा करते हुए मुख्य न्यायाधीश इंदिरा बनर्जी और जस्टिस सुंदर की बेंच ने चेल्लदुरै की नियुक्ति को खारिज कर दिया। प्रथम पीठ ने नए सर्च पैनल का गठन कर कुलपति की खोज करने को कहा है।

राज्यपाल ने २७ मई २०१७ को मद्रास विवि और मदुरै कामराज विवि के वीसी के रूप में क्रमश: दुरैसामी और चेल्लदुरै की नियुक्ति की।
सामाजिक कार्यकर्ता ट्रेफिक आर. रामस्वामी ने चेल्लदुरै की नियुक्ति को मद्रास उच्च न्यायालय में चुनौती देते हुए याचिका दायर की।
याची ने कहा कि विवि का कुलपति होने की न्यूनतम अर्हता बतौर प्रोफेसर दस साल के अध्यापन का अनुभव तथा उच्च अकादमिक स्तर होना चाहिए। जबकि एमकेयू के कुलपति बनाए गए चेल्लदुरै के पास प्रोफेसर होने का अनुभव नहीं है। याचिका का निपटारा करते हुए मुख्य न्यायाधीश इंदिरा बनर्जी और जस्टिस सुंदर की बेंच ने चेल्लदुरै की नियुक्ति को खारिज कर दिया। प्रथम पीठ ने नए सर्च पैनल का गठन कर कुलपति की खोज करने को कहा है।

 

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