scriptHeavy rains wash waste from dump into Tamil Nadu's Marudaiyaru river | भारी बारिश के कारण डंप यार्ड का कचरा पहुंचा मरुदैयारू नदी में | Patrika News

भारी बारिश के कारण डंप यार्ड का कचरा पहुंचा मरुदैयारू नदी में


-स्थानीय लोग हो रहे परेशान
-समय पर जैव खनन परियोजना लागू नहीं होने से बढ़ी मुसिबत

चेन्नई

Published: December 02, 2021 05:43:04 pm


पेरम्बलुर. पिछले कुछ दिनों की बारिश ने राज्य के अधिकांश जिलों को जलमग्न करने के साथ ही डंप यार्ड के कचरों को दूसरे जगह पहुंचाने का काम भी किया है। इस कारण पेरम्बलुर जिले के लोगों की मुसिबतें काफी बढ़ गई हैं। लोगों का आरोप है कि जैव खनन परियोजना के तहत कचरा डंपयार्ड में कचरे का निपटान समय पर नहीं किए जाने की वजह से बारिश के कारण कचरा मरुदैयारू नदी में बह कर चला गया। पेरम्बलुर नगर पालिका से संबंधित यह डंपयार्ड नेडुवासल के पास स्थित है। सूत्रों के अनुसार नगर पालिका ने 2019 में 3.१८ करोड़ रुपए की लागत से एक जैव खनन परियोजना शुरू किया था और अनुबंध पर लैंड प्राइवेट लिमिटेड को सौंप दिया था।

भारी बारिश के कारण डंप यार्ड का कचरा पहुंचा मरुदैयारू नदी में
भारी बारिश के कारण डंप यार्ड का कचरा पहुंचा मरुदैयारू नदी में

साथ ही अगस्त 2021 तक डंप को साफ करने का आश्वासन भी दिया गया था। लेकिन परियोजना को अब तक पूरा नहीं किया जा पाया है। यही कारण है कि पिछले कुछ हफ्तो में दर्ज की गई भारी बारिश ने नेडुवसाल में अपनी नहर के माध्यम से मदुरैयारू नदी में कचरे को पहुंचा दिया। इसके परिणाम स्वरूप नेडुवसाल से लेकर कुरुंबपालयम तक प्लास्टिक कचरा बड़ी मात्रा में तैर रहा है।


-भूजल की गुणत्ता भी होगी प्रभावित
एन. विवेकनंदन नामक एक स्थानीय निवासी ने बताया कि हम डंप पर चल रहे जैव खनन परियोजना का पालन कर रहे हैं और अधिकारियों से इसे जल्द पूरा करने का आग्रह कर रहे हैं। हालांकि अधिकारियों की ओर से इसे पूरा करने में अनावश्यक देरी की जा रही है। अब कचरे का मिश्रण नदी को प्रदूषित करेगा और भूजल की गुणवत्ता भी प्रभावित होगी। ऐसी परिस्थिति में हम नदी के पानी को अपने मवेशियों के लिए भी उपयोग में नहीं ले सकते हैं। उन हिस्सो में जहां पानी अपने आप सूख जाता है अब कचरा बना रहेगा और इससे पर्यावरण प्रदूषित होगी।


-समय पर परियोजना का नहीं किया गया काम
पेरम्बलुर के एस. राघवन नामक सामाजिक कार्यकर्ता ने बताया कि निर्धारित समय पर अगर अधिकारियों द्वारा परियोजना का काम पूरा किया गया होता तो यह स्थिति कभी भी उत्पन्न नहीं होती। नोचियाम जैसे कई गांवों में लगातार मदुरैयारू की शाखा धाराओं में कचरा पहुंच रहा है। लगभग हर ग्राम सभा की बैठक में इस पर चर्चा होती रही है। लेकिन अब तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई है। जिला प्रशासन को न केवल मदुरैयारू और उसकी धाराओं बल्कि जिले के सभी जलाशयों की निगरानी करनी चाहिए।


-सीमेंट कंपनी में भेजना था प्लास्टिक कचरा
पेरम्बलुर नगर आयुक्त एस. कुमारी मन्नन ने बताया कि सितंबर तक नेडुवसाल के डंप से कचरा हटा दिया गया था। वहां प्लास्टिक कचरा इसलिए जमा किया गया था, क्योंकि उसे अरियलूर के एक निजी सीमेंट प्लांट में भेजना निर्धारित था। जहां तक मुझे पता है तो यह अपशिष्ट मदुरैयारू में नहीं मिले हैं।

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