तमिल नहीं आती नो टेन्शन, हिन्दी व अंग्रेजी के जानकार कर्मचारी किए तैनात

ऊटी में बड़ी संख्या में हिन्दी भाषी सैलानी आते हैं

By: Arvind Mohan Sharma

Published: 25 Apr 2018, 01:42 PM IST

कोयम्बत्तूर. समर सीजन के दौरान ऊटी में बड़ी संख्या में सैलानियों के आने की संभावना को देखते हुए रेलवे पुलिस फोर्स ने भी अपनी तैयारियां शुरु कर दी हैं।
ऊटी के लिए मेट्टूपालयम हो कर जाना होता है। यहीं पर रेलवे पुलिस ने सहायता केन्द्र कायम किया है। यहां तीन लोगों की तैनाती की गई हैं जो हिन्दी व अंग्रेजी में बातचीत करने में सक्षम हैं।ऊटी में बड़ी संख्या में हिन्दी भाषी सैलानी आते हैं। लेकिन तमिलनाडु में उन्हें भाषा की समस्या का सामना करना पड़ता है।इस सहायता केन्द्र का उद्घाटन रेलवे के अतिरिक्त महानिदेशक सी शैलेन्द्र बाबू ने किया। उन्होंने बताया कि रेल यात्रियों से किसी भी तरह की अभद्रता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई होगी।यात्री अपनी शिकायत लिखित व मौखिक रुप से मेट्टूपालयम के सहायता केन्द्र पर दर्ज कार सकते हैं।उन्होंने बताया कि ट्रेनों में आने वाली महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महिला पुलिस अधिकारी तैनात की गई हैं। उन्होंने कहा कि अगर यात्रियों को किसी भी तरह की कठिनाई का सामना करना पड़ता है तो रेलवे पुलिस के आपातकालीन नंबर से संपर्क करना चाहिए। शैलेन्द्र ने उम्मीद जताई कि मेट्टूपालयम के सहायता केन्द्र से देशी-विदेशी सैलानियों को मदद मिलेगी।

 

 

उत्तर भारत के सैलानियों की जरूरत को समझते हुए पहली बार हिन्दी का उपयोग किया गया है
यहां से रोजाना सुबह 7.30 बजे हैरिटेज ट्रेन ऊटी जाती है। समर सीजन में अन्य प्रांतों से आने वाले पर्यटकों की सुविधा के लिए सूचना पट्टों पर पांच भाषाओं में जानकारी लिखी जा रही है। इसकी शुरुआत यहां के प्रख्यात बोट हाउस से की गई है। ऊटी में झील किनारे बने बोट हाउस पर हर वक्त सैलानियों का जमावड़ा लगा रहता है। सूचना पट्टों पर अब प्रदेश की भाषा तमिल के साथ मलयालम, कन्नड का उपयोग तो किया ही गया है। उत्तर भारत के सैलानियों की जरूरत को समझते हुए पहली बार हिन्दी का उपयोग किया गया है। इसी तरह विदेशी पर्यटकों को ध्यान में रखते हुए सूचना पट्टों पर अंग्रेजी को भी प्रमुखता दी गई है। केन्द्र सरकार के कार्यालयों पर लगे सूचना पट्टों पर जरूर हिन्दी नजर आती है। वरना प्रदेश के दर्शनीय स्थलों पर तो हिन्दी के बारे में जानकारी मिलना दूभर है। भले ही बड़ी संख्या में हिन्दी भाषी तमिलनाडु घूमने आते हो पर हिन्दी में जानकारी देने से बचा जाता है। संभवत: यह पहली बार है जब प्रदेश के पर्यटन विभाग मे ऊटी में यह पहल शुरु की है। इसी तरह राज्य पुलिस ने शहर सहित सभी पर्यटन स्थलों पर पर्यटक पुलिस तैनात की है।

Arvind Mohan Sharma Desk
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