मकान मालिकों ने माफ किया किराया नागपट्टिनम व कोयम्बत्तूर में


तमिलनाडु के नागपट्टिनम और कोयम्बत्तूर से ऐसे दो दृष्टांत हमारे सामने आए हैं जहां मकान मालिकों ने अपने किरायेदारों का एक महीना का भाड़ा माफ कर दिया है। ऐसे कई मकान मालिक राज्य में होंगे संभवत: उनसे भी इस तरह की दरियादिली की उम्मीद करना कोई गलत नहीं होगा।

By: P S Kumar

Published: 28 Mar 2020, 07:13 PM IST

चेन्नई.

कोरोना संक्रमण का प्रभाव शारीरिक, मानसिक और आर्थिक रूप से सभी लोगों पर पड़ रहा है। सरकार ने असंगठित क्षेत्रों के श्रमिकों तथा कर्मचारियों को लेकर वित्तीय मदद देने की घोषणा की है लेकिन यह उन तक कैसे पहुंचेगी जो अपंजीकृत हैं इस बारे में कोई कायदे तय नहीं है। ऐसे में उन लोगों पर ज्यादा बुरा असर पड़ेगा जो किराये के घरों में बसे हैं और घर का बजट बिगड़ चुका है। ऐसे किरायेदारों की मदद के लिए उनके मकान मालिकों का स्वेच्छा से आगे आना स्वागत योग्य है तथा उनकी भलमनसाहत का शुक्रिया अदा करना बनता है।

तमिलनाडु के नागपट्टिनम और कोयम्बत्तूर से ऐसे दो दृष्टांत हमारे सामने आए हैं जहां मकान मालिकों ने अपने किरायेदारों का एक महीना का भाड़ा माफ कर दिया है। ऐसे कई मकान मालिक राज्य में होंगे संभवत: उनसे भी इस तरह की दरियादिली की उम्मीद करना कोई गलत नहीं होगा।


५० किरायेदारों का भाड़ा माफ
नागपट्टिनम के चेमरकट्टै नार्थ स्ट्रीट में बसे हाजा मोईद्दीन कपड़ा व्यापारी हैं। पास की गली में इनकी रिहाइशी मंजिल है। यहां ५० से अधिक किरायेदार बसे हैं जो निम्न आय वर्ग के हैं। उनके किरायेदारों में सब लोग ऐसे हैं जिनका या तो खुद का काम है अथवा दिहाड़ी हैं। उनका दुख-दर्द बांटते हुए मोईद्दीन ने उनसे मार्च महीने का किराया नहीं लेने का वादा किया है। हाजा कहते हैं कि उनके किरायेदारों में से अधिकांश की आय बहुत कम है। आम दिनों में भी वे समय पर भाड़ा नहीं दे पाते हैं अब तो हालात अत्यंत विकट हैं। इस रिहायशी परिसर में बसे सभी किरायेदारों का उन्होंने मार्च महीने का भाड़ा नहीं लेने का निर्णय किया है। यह उनकी ओर से मदद की एक छोटी सी कोशिश है। आगे भी यही परिस्थिति बनी रही तो उसे ध्यान में रखते हुए वे भावी निर्णय करेंगे।


बीस परिवारों से नहीं लेंगे किराया
हाजा मोईद्दीन की तरह कोयम्बत्तूर के पोदनूर इलाके के एस. ए. कादर ने भी अपने किरायेदारों का किराया माफ कर दिया है। उनके किरायेदारों की संख्या बीस है जिनसे वे एक महीने का भाड़ा नहीं लेने वाले हैं। वे कोवै जिला थोक मछली व्यापारी संघ के सचिव तथा डीएमके मछुआरा इकाई के जिला संयोजक हैं।

P S Kumar Editorial Incharge
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