विशाल आयम्बिल तप आराधना

 विशाल आयम्बिल तप आराधना
chennai

Mukesh Kumar Sharma | Updated: 09 Oct 2016, 10:59:00 PM (IST) Chennai, Tamil Nadu, India

श्री एसएस जैन संघ माम्बलम के तत्वावधान में श्रमण संघीय वरिष्ठ सलाहकार मुनि सुमतिप्रकाश के 78वें

चेन्नई।श्री एसएस जैन संघ माम्बलम के तत्वावधान में श्रमण संघीय वरिष्ठ सलाहकार मुनि सुमतिप्रकाश के 78वें जन्मोत्सव पर सुभद्रा बाई कोठारी परिवार के सहयोग से श्री हाल में विशाल सामूहिक आयम्बिल तप का आयोजन किया गया जिसमें चेन्नई के उपनगरों के अलावा पुणे, नासिक, मेरठ, हैदराबाद, बेंगलूरु, औरंगाबाद, हैदराबाद, दिल्ली, जोधपुर, पंजाब, अहमदनगर, हरियाणा समेत अनेक शहरों से करीब 1500 से भी ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे एवं 800 से भी श्रद्धालुओं ने सामूहिक आयम्बिल तप आराधना की। समारोह की शुरुआत संघ अध्यक्ष हरीश एल. मेहता के स्वागत भाषण एवं एसएस जैन महिला मंडल के स्तवन से हुई।

इस मौके पर उपाध्याय प्रवर विशालमुनि ने कहा वैसे तो दुनिया में असंख्य लोग प्रतिदिन जन्म लेते है और विदा भी हो जाते हंै। उनके जाने व आने पर न तो किसी को गम होता है न ही हर्ष लेकिन कुछ ऐसी महान आत्माएं होती है जिनका जन्म लेना दुनिया के लिए खुशी व आनंददायी होता है। घोर तपस्वी सुमतिप्रकाश का जीवन भी ऐसे ही चमत्कारों से परिपूर्ण है। उन्होंने गुरु सुमति को जिन शासन, संपूर्ण जैन एवं श्रमण संघ का एक महान सन्त रत्न बताया।


मंच संचालक उपप्रवर्तक अभिषेकमुनि ने गुरु की महिमा व महत्व तथा उनके संयम चारित्र जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला। पुनीतमुनि ने कहा गुरु के जीवन में अनेक उतार चढ़ाव आये लेकिन वे अपनी साधना में और दृढ बनते चले गए। प्रबुद्धमुनि ने कहा वे सुमति जैसे गुरु को पाकर अपने आपको सौभाग्यशाली समझते हैं। तीर्थेश मुनि ने कहा जन्म व मरण तो सबका होता है लेकिन महत्वपूर्ण यह है कि व्यक्ति ने जीवन एवं मृत्यु के बीच का जीवन कैसा जीया। गुरुदेव सुमतिप्रकाश इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है जिनके जीवन से बहुत कुछ सीखा जा सकता है।

संघ उपाध्यक्ष डॉ. उत्तमचन्द गोठी ने गुरु सुमतिप्रकाश के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा 46 वर्षों से निरंतर आयम्बिल तप आराधना ,एक वर्ष में 5 लाख से भी ज्यादा मौन नवकार मंत्र साधना, सौ से भी अधिक मुमुक्षुओं को भागवती जैन दीक्षा देकर गुरु सुमति ने इतिहास रचाा है जो सदियों तक याद किया जाएगा।
समारोह में सहयोग के लिए सुभद्रा बाई कोठारी को संघ द्वारा सम्मानित किया गया। हैदराबाद के स्वरूपचंद कोठारी, अहमदनगर के अशोक बाबू सेठ बोरा, मेरठ के उज्ज्वल, वीरेंद्र जैन आदि ने गुरु को शुभकामनाएं प्रेषित की।

इस मौके पर पुनीत मुनि द्वारा सुमति विशाल एजूकेशनल ट्रस्ट के सहयोग से आल इंडिया स्तर पर उपाध्याय डा.ॅ विशालमुनि के जीवन चारित्र पर आयोजित खुली किताब प्रतियोगिता में मैसूर की पुष्पा गोलेछा को प्रथम, चेन्नई से लता बागमार को द्वितीय एवं मेरठ की ज्योति जैन को तृतीय पुरुस्कार से सम्मानित किया गया।
इसी शृंखला में माम्बलम श्री संघ द्वारा आयोजित 1008 नवकार लेखन प्रतियोगिता में वन्दना खाबिया को प्रथम, संतोष दुगड़ व दीपिका मरलेचा को द्वितीय एवं वर्षा कटारिया, चन्द्रकला भंसाली व राजेश गोलछा को तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। साथ ही ललिता जांगड़ा के सहयोग सेे विभिन्न संस्थाओं व स्कूल के 135 लोगों को मांसाहार छोडऩे के प्रत्याख्यान करवाए गए।

धन्यवाद मंत्री महेंद्र गादिया ने ज्ञापित किया। शीला निर्मल कोठारी औरंगाबाद द्वारा सभी को  प्रभावना प्रदान की गई। समारोह में इंदरचंद लोढ़ा, प्रकाश कोठारी, राजमल नाहटा, विनोद गादिया, हरीश मूथा, सुशील-भरत-संजय धोका, आशीष मोदी, गौतम कटारिया, निर्मल नाहर, किशन श्रीश्रीमाल समेत  संघ के सभी सदस्यों का सहयोग रहा।

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