scriptHyderabad: Techies to turn farmers, come up with solutions to farming | साफ्टवेयर इंजीनियरों की शार्ट टर्म खेती किसानी | Patrika News

साफ्टवेयर इंजीनियरों की शार्ट टर्म खेती किसानी

-कृषि क्षेत्र की चुनौतियों को समझ निकालेंगे समाधान

-सस्ती प्रौद्योगिकी की कवायद के तहत 100 इंजीनियर कुछ सप्ताह के लिए बनेंगे किसान

-हैदराबाद में कृषि क्रांति के लिए नई पहल

चेन्नई

Published: December 25, 2021 08:21:45 pm

हैदराबाद.

कृषि क्षेत्र में एक अनोखी पहल करते हुए खेती की चुनौतियों के समाधान के साथ करीब 100 साफ्टवेयर इंजीनियर शार्टटर्म किसानी करेंगे। अगले 45 दिनों तक ये पेशेवर पांच लोगों की एक टीम में खेती का काम करेंगे। वे अपने लिए आवंटित भूमि के हिस्से में काम करेंगे। बीजारोपण करेंगे और जब तक उपज न हो जाए वे प्रत्येक साप्ताहांत खेत में जाएंगे। इसके बाद उपज की डिजिटल मार्केटिंग करेंगे। दरअसल इसका उद्देश्य सस्ती प्रौद्योगिकी के जरिए कृषि क्षेत्र में क्रांति लाना है। इससे इंजीनियरों को कृषि क्षेत्र की वास्तविक चुनौतियों का अनुभव प्राप्त होगा और वे तकनीकी सक्षम समाधान निकालेंगे।
साफ्टवेयर इंजीनियरों की शार्ट टर्म खेती किसानी
साफ्टवेयर इंजीनियरों की शार्ट टर्म खेती किसानी
कृषि विशेषज्ञ करेंगे मदद

अपनी तरह के इस पहले एग्रीकल्चर हैकेथान में प्रत्येक टीम की मदद एक कृषि विशेषज्ञ करेगा। ये भूमि को तैयार करने से लेकर उत्पादों की बिक्री तक सब कुछ करेंगे। किसान से पूछने की बजाय जमीनी हकीकत को समझने के लिए इस प्रतियोगिता की घोषणा की गई है। इसका आयोजन तेलंगाना सूचना प्रौद्योगिकी एसोसिएशन एवं तेलंगाना एग्रीकल्चर इंजीनियर्स एसोसिएशन द्वारा किया जा रहा है। इस उद्देश्य के लिए नारायणपेट जिले में स्थित उत्कुर मंडल के यादवल्ली गांव में 2 एकड़ भूमि की पहचान की गई है। एक टीम में चार आईटी प्रोफेशनल एवं एक कृषि विशेषज्ञ होंगे। उन्हें 121 वर्ग यार्ड दिया जाएगा। प्रोब्लेम स्टेटमेंट के रूप में उन्हें चुनौतियां दी जाएंगी।
तेलंगाना सूचना प्रौद्योगिकी एसोसिएशन के सुंदीप कुमार मकतला के अनुसार हमने इसे शुरू करने के लिए पहले बागवानी का विकल्प चुना है। हम कीटों की पहचान के लिए सस्ते ड्रोन कैमरे के उपयोग पर विचार कर रहे हैं। इसके अलावा डाटा विश्लेषण के लिए एआई टेक्नालाजी, स्वचालित छोटे पौधों के लिए रोबोटिक्स, पानी के छिड़काव के लिए सेंसर्स एवं अन्य नवाचार शामिल हैं। कृषि कार्य के अलावा टीमों को कई तरह की तकनीकी चुनौतियां दी जाएंगी जिस पर वे काम करेंगे। उन्होंने कहा कि इंजीनियरों के लिए सीखने का यह एक अद्भूत अनुभव है। प्रत्येक चरण में टीम विभिन्न एग्रीकल्चर प्रैक्टिस एवं नवाचारों का अध्ययन कर उसे लागू करेंगे। कृषि विशेषज्ञ चर्चा के जरिए उनका मार्गदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि जब कृषि यंत्रीकरण किसानों के एक कदम निकट होगा तो अधिक से अधिक लोगों की कृषि कार्य करने में मदद मिल सकेगी।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

बड़ी खबरें

UP Election 2022 : अखिलेश के अन्न संकल्प के बाद भाकियू अध्‍यक्ष का यू टर्न, फिर किया सपा-रालोद गठबंधन के समर्थन का ऐलानCoronavirus : भारत में 23 जनवरी को आएगा कोरोना की तीसरी लहर का पीक, IIT कानपुर के प्रोफेसर ने की ये भविष्यवाणीभारत के कोरोना मामलों में आई गिरावट, पर डरा रहा पॉजिटिविटी रेटअरुणाचल प्रदेश में भूकंप के झटके, रिक्टर पैमाने पर 4.9 मापी गई तीव्रताभगवंत मान हो सकते हैं पंजाब में AAP के सीएम उम्मीदवार! केजरीवाल आज करेंगे घोषणाप्री-बोर्ड एग्जाम का शेड्यूल जारी, स्टूडेंट्स को इस काम के लिए जाना होगा स्कूलUP Police Recruitment 2022: 10 वीं पास युवाओं को सरकारी नौकरी का मौका, यूपी पुलिस ने निकाली भर्ती, 69,100 रुपये मिलेगी सैलरीOmicron Symptoms: ओमिक्रॉन के ये लक्षण जिसके बारे में आपको भी पता होना चाहिए,जानिए कितने दिनों तक रहते हैं ये शरीर में
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.