इंजीनियरिंग कॉलेजों में 50 हजार सीटें रह सकती हैं खाली

इंजीनियरिंग कॉलेजों में 50 हजार सीटें रह सकती हैं खाली

Ritesh Ranjan | Updated: 26 Mar 2019, 12:59:35 PM (IST) Chennai, Chennai, Tamil Nadu, India

एआईसीटीई के अनुसार
- वर्ष 2019-20 के सत्र में

चेन्नई. अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के निदेशक अनिल डी सहस्रबुद्धे ने कहा कि वर्ष 2019-20 के सत्र में इंजीनियरिंग कॉलेजों में करीब 50 हजार सीटें खाली रह सकती हैं। अण्णा विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अपने भाषण में उन्होंने यह बात कही।
कार्यक्रम में उन्होंने प्रोफेसर पीसी चंद्रशेखरन द्वारा लिखित पुस्तक मॉडर्न साइंटिफिक थॉट्स का विमोचन किया। पत्रकारों को संबोधित करते हुए सहस्रबुद्धे ने कहा पूरे देश में इंजीनियरिंग कॉलेज की 14.5 लाख सीटें थीं, जिनमें से केवल 8 -9 लाख छात्रों को ही इंजीनियरिंग कोर्स के लिए प्रवेश दिया गया था। इसलिए प्रत्येक कॉलेज को आवंटित सीटों की संख्या कम करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा अबले सत्र 2019-20 में केवल 50 हजार सीटें खाली रहेगी।
इंजीनियरिंग कॉलेजों में कला और विज्ञान पाठ्यक्रम शुरू करने के बारे में एआईसीटीई के रुख पर एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा हम चाहते हैं इंजीनियरिंग छात्रों का शिक्षा के अन्य स्रोतों के साथ विकास हो।

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