दूसरे राज्यों से वोटर अब इस तकनीक से कर पाएंगे वोटिंग

इसका मतलब घर से मतदान करना नहीं है। घर से मतदान के लिए और वक्त तथा उन्नत प्रौद्योगिकी की जरूरत है। Election Commission joined hands with IIT Madras

By: PURUSHOTTAM REDDY

Published: 17 Feb 2020, 02:48 PM IST

चेन्नई.

अक्सर यह देखने को मिलाता है कि चुनाव के वक्त जरूरी काम आ जाने से लोगों को मलाल रहता है कि वे अपने मताधिकार का प्रयोग करने से वंछित रह जाते है लेकिन अब ऐसा नहीं होगा क्योंकि चुनाव आयोग (Election Commission) आईआईटी मद्रास (IIT-Madras ) के साथ मिलकर एक ऐसी नई प्रौद्योगिकी विकसित करने पर काम कर रहा है जिसमें अपने निर्वाचन क्षेत्र से दूर किसी अन्य शहर या राज्य में होने पर भी मतदाता मतदान कर पाएगा।

चुनाव आयोग (Election Commission) के एक अधिकारी ने बताया कि परियोजना फिलहाल शोध और विकास के चरण में है और इसका मकसद 'प्रोटोटाइप' (To Develop Protype) विकसित करना है। आयोग की इस भावी पहल से मतदान प्रतिशत बढऩे और चुनाव संपन्न कराने के खर्च में कमी आने के भी आसार हैं। एक प्रोटोटाइप विकसित करने के उद्देश्य से परियोजना वर्तमान में अनुसंधान और विकास चरण में है।

ब्लॉक चेन नाम की तकनीक का प्रयोग
इस टेक्नॉलजी में ब्लॉक चेन (Block Chain) नाम की तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है। इस तकनीक के बारे में सीनियर चुनाव अधिकारी संदीप सक्सेना ने बताया कि ये कांसेप्ट ऐसा है जो एक नियंत्रित वातावरण में, समर्पित इंटरनेट लाइनों पर सफेद सूचीबद्ध आईपी एड्रेस उपकरणों पर, बायोमेट्रिक और एक वेब कैमरा के साथ वोटर की पहचान करने में सक्षम होगा। उन्होंने बताया कि वोटर को बताए गए वेन्यू पर पहुंचना होगा और तभी वोटर इस सुविधा का लाभ उठा सकेगा। उन्होंने ये साफ किया कि घर से वोटिंग जैसी तकनीक पर कोई भी काम नहीं किया जा रहा है।

घर से मतदान करना नहीं
सक्सेना ने कहा कि इसका मतलब घर से मतदान करना नहीं है। घर से मतदान के लिए और वक्त तथा उन्नत प्रौद्योगिकी की जरूरत है। सक्सेना के अनुसार मानिए कि लोकसभा चुनाव है और चेन्नई (Chennai) का मतदाता दिल्ली (Delhi) में है। तो मताधिकार का इस्तेमाल करने के लिए अपने निर्वाचन क्षेत्र जाने के बजाय या मतदान नहीं करने के बजाय, वह चुनाव आयोग द्वारा बनाए गए स्थान पर खास समय पर आ सकता है और अपना वोट दे सकता है।

उन्होंने कहा कि ऐसे मतदाताओं को यह सुविधा लेने के लिए अपने चुनाव अधिकारी के यहां पहले से आवेदन देना होगा। इस परियोजना से जुड़े एक अन्य अधिकारी ने बताया कि दूरस्थ मतदान का प्रयोग ई वोटिंग के रूप में सबसे पहले 2010 में गुजरात के स्थानीय निकाय चुनाव में किया गया था। इसमें राज्य के प्रत्येक स्थानीय निकाय के एक एक वार्ड में ई वोटिंग का विकल्प मतदाताओं को दिया गया था।

Show More
PURUSHOTTAM REDDY
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned