चेन्नई

आरोपी पुलिसकर्मी का व्यवहार अमानवीय कृत्य : मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश इंदिरा बनर्जी ने गुरुवार को तिरुचि में लापरवाही और दबंगई के चलते गर्भवती महिला की हुई मौत के जिम्मेदार पुलिसकर्मी..

चेन्नईMar 09, 2018 / 09:49 pm

मुकेश शर्मा

Inhuman acts of accused policeman: Madras High Court

चेन्नई।मद्रास हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश इंदिरा बनर्जी ने गुरुवार को तिरुचि में लापरवाही और दबंगई के चलते गर्भवती महिला की हुई मौत के जिम्मेदार पुलिसकर्मी कामराज की निंदा की। पुलिसकर्मी के लात मारने के कारण चलती बाइक से गर्भवती महिला गिर गई जो अपने पति के साथ जा रही थी। इससे घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। मुख्य न्यायाधीश ने कहा पुलिसकर्मी ने जो कृत्य किया है वह गैरकानूनी और निंदनीय था। इसे आपराधिक दण्डनीय अपराध के तौर पर लेना चाहिए।

पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग

डीएमके के कार्यकारी अधिकारी एवं विपक्ष के नेता एमके स्टालिन ने कहा आरोपी पुलिसकर्मी कामराज के लात मारने के कारण महिला उषा की मौत होने की खबर सुनकर काफी हैरानी हुई। यह अमानवीय कृत्य है। उन्होंने पुलिस पर निशाना साधते हुए कहा शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने वाले प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई भी निंदनीय है।

डीएमडीके अध्यक्ष विजयकांत ने महिला के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा जनता की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार पुलिस विभाग के अधिकारी ही ऐसा करेंगे तो जनता का क्या होगा। पीएमके नेता अंबुमणि रामदास ने आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष तमिलइसै सौंदरराजन ने भी पुलिसकर्मी को इस कृत्य के लिए कठोर सजा देने की मांग की है। राज्य के मत्स्यायन मंत्री डी. जयकुमार ने पत्रकारों को बताया कि हादसा दुर्भाग्यपूर्ण था। पुलिसकर्मी को हिरासत में ले लिया गया है और मामला दर्ज हो गया है। कानून अपना काम करेगा।

ज्ञातव्य है कि तिरुचि जिले के तिरूवरुम्बूर में भेल क्वार्टर्स के सामने बुधवार शाम स्थानीय पुलिस की टीम वाहनों की जांच कर रही थी।

इसी दौरान तंजावुर जिले के एक गांव की गर्भवती महिला उषा अपने पति राजा के साथ बाइक से जा रही थी। गश्त दे रहे पुलिसकर्मियों ने उनको रुकने का इशारा किया लेकिन दम्पती पुलिसकर्मियों को नजरंंदाज कर आगे बढ़ गए। इस पर एक यातायात पुलिसकर्मी ने दूसरी बाइक से उनका पीछा किया और पैर से उनकी बाइक को धक्का मार दिया जिससे बाइक बेकाबू होकर फिसल गई। हादसे में गर्भवती महिला उषा की मौके पर ही मौत हो गई जबकि पति राजा गंभीर रूप से घायल हो गया।

आरोपी पुलिसकर्मी निलंबित

गर्भवती महिला की मौत से गुस्साए लोगों के प्रदर्शन के बाद आरोपी पुलिसकर्मी कामराज को गिरफ्तार कर लिया गया था। आला अधिकारियों के अनुसार मामले में आगे की कार्रवाई करते हुए आरोपी कामराज को गुरुवार को निलंबित कर दिया गया।

मुख्यमंत्री ने हादसे की निंदा की

मुख्यमंत्री एडपाड़ी के. पलनीस्वामी ने तिरुचि में पुलिस अधिकारी द्वारा महिला की बाइक के लात मारने से गर्भवती महिला की मौत पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। पीडि़ता के परिवार के लिए मेरी गहरी संवेदना है। सरकार परिवार को मुआवजा देने पर विचार कर रही है। इसके अलावा विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, महिला समाजसेवी, फिल्मी हस्तियां, विभिन्न क्षेत्रों के लोगों ने घटना की निंदा की है।

वह मेरी जिंदगी थी, चली गई : पति राजा

पीडि़ता के पति राजा ने कहा अगर आरोपी पुलिसकर्मी को पैसे चाहिए थे तो मांग लेता। लात मारने की क्या जरूरत थी। अगर मैंने हेलमेट नहीं पहना था तो वह मुझे रोककर जुर्माना भरने को कहता, मैं जुर्माना भर देता लेकिन उसने कुछ भी नहीं किया और मेरी बाइक को लात मार दी। मेरी पत्नी उषा मेरी जिंदगी थी वह चली गई। क्या पुलिसकर्मी उसे वापस ला सकता है।

फूटा लोगों का गुस्सा

हादसे में गर्भवती महिला की मौत के बाद स्थानीय लोगों का यातायात पुलिस के खिलाफ गुस्सा भडक़ गया। उन्होंने प्रदर्शन किया। कुछ ही देर में वहां लोग वहां इक्कट्ठे हो गए। लोगों का गुस्सा बढ़ता देख पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी पुलिसकर्मी के विरुद्ध कार्रवाई करने का भरोसा दिया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपी यातायात निरीक्षक को गिरफ्तार कर लिया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आरोपी पुलिसकर्मी कामराज के खिलाफ कार्रवाई हो और सजा भी मिले। कुछ लोगों की मांग है कि उस पर हत्या का मामला दर्ज होना चाहिए। सामान्यत: पुलिसकर्मी चेतावनी देकर छोड़ देते हैं लेकिन इस पुलिसकर्मी ने उनका बाइक से पीछा कर दम्पती की बाइक को लात मारी जिससे इतना बड़ा हादसा हो गया। दूसरी तरफ उषा के परिजनों को मुआवजा देने की भी मांग की जा रही है।

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