तमिलनाडु जेल में बंद कैदियों को मिली अनोखी सुविधा, वीडियो कॉलिंग कर होगी परिवार से बात

जेल प्रशासन ने कोरोना वायरस के कहर से बचने के लिए 17 मार्च को तमिलनाडु के सभी केन्द्रीय जेलों में कैदियों से उनके परिजन और वकीलों की मुलाकातों पर प्रतिबंध लगा दिया था।

By: PURUSHOTTAM REDDY

Updated: 27 Mar 2020, 02:30 PM IST

चेन्नई.

सोशल डिस्टेंसिंग का पालन और नोवल कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए तमिलनाडु के जेल में बंद कैदियों से मुलाकात पर रोक लगा दिए जाने से कैदी एवं उनके परिजन परेशान थे। लेकिन अब तमिलनाडु जेल प्रशासन ने उन्हें राहत देते हुए जेल में बंद कैदियों के लिए मोबाइल से उनके परिजनों से वीडियो कॉलिंग के जरिए बात करा रहा है। विदित हो जेल प्रशासन ने कोरोना वायरस के कहर से बचने के लिए 17 मार्च को तमिलनाडु के सभी केन्द्रीय जेलों में कैदियों से उनके परिजन और वकीलों की मुलाकातों पर प्रतिबंध लगा दिया था। अब परिजनों को परेशान होने की आवश्यकता नहीं है, बगैर जेल आए ही घर बैठे वे जेल में बंद अपने परिजन से सपरिवार बात कर सकते हैं।

राज्यभर में 58 मोबाइल दिए गए
तमिलनाडु जेल विभाग ने राज्य के आठ केन्द्रीय जेलों के लिए ५८ एंड्रॉयड मोबाइल प्रदान किए गए है। पहले मुलाकात करने के लिए जेल गेट पर आना पड़ता था तथा मुलाकात खिड़की पर बारी-बारी से दो लोगों को ही मुलाकात की करने की सुविधा दी जाती थी। लेकिन अब एंड्रॉयड मोबाइल के जरिए जेल में बंद कैदी भी अपने परिवार के लोगों से बात कर सकेंगें। एक अधिकारी ने बताया कि वीडियो कॉलिंग से मुलाकात एक बेहतरीन प्रयास है। लोगों को जेल की मुलाकात खिड़की तक आने-जाने और भीड़-भाड़ से बचने में सुविधा होगी। वह सपरिवार जेल में बंद अपने परिजन से बात कर सकते हैं।

पूझल जेल को मिले 14 मोबाइल
पूझल जेल में २०० कैदी बंद है जिसमें प्रिजन-१ में १५०० औ प्रिजन-२ में ५०० कैदी बंद है। प्रिजन-१ के लिए ८ मोबाइल जारी किए गए है और प्रिजन-२ के लिए पांच मोबाइल और वुमेन प्रिजन के लिए १ मोबाइल दिए गए है। प्रत्येक कैदी को दस मिनट बात करने की अनुमति होगी और यह सिलिसिला शाम ५ बजे से श्ुारू होगी। वहीं कोरोना वायरस के प्रकोप से बचने के लिए ४०० विचाराधीन कैदियों को छोड़ दिया गया है और उन्हें ३० अप्रैल को कोर्ट में हाजिर होने को कहा गया है।

कैदियों ने कराया रजिस्ट्रेशन
एक अधिकारी ने बताया कि 1७ मार्च से मुलाकात बंद होने के कारण बंदी एवं परिजन काफ परेशान थे। इसके मद्देनजर यह सुविधा शुरू की गई है। इसके लिए कैदियों को सूचित किया गया है और कुछ कैदियों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया है। जेल प्रशासन के पा मौजूद उनके परिजनों के रजिस्टर्ड नम्बर वीडियो कालिंग से मुलाकात होगी। इसका सबसे बड़ा फायदा होगा कि परिवार के सभी लोग जेल में बंद अपने परिजन से मुलाकात कर सकेंगे और भीड़ नहीं लगने से कोरोना वायरस के फैलने का भी डर नहीं रहेगा।

कांस्टेबल रखेगा निगरानी
इस सुविधा से कैदी और उनके परिवार आमने सामने होंगे और एक पुलिस कांस्टेबल की निगरानी में होगी जिससे ये सुनिश्चित किया सके कि बातें सिर्फ पारिवारिक मुद्दे पर ही हो, इस सुविधा का गलत इस्तेमाल ना किया जा सके। वीडियो कॉलिंग के जरिए वे १० मिनट अपने परिजनों से बात कर पाएंगे।

PURUSHOTTAM REDDY
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