सीबीआई से कराई जाए रेत खनन घोटाले की जांच

डीएमके नेता स्टालिन ने की मांग

By: Santosh Tiwari

Published: 24 Jul 2018, 10:02 PM IST

  • स्टालिन ने कहा राज्य सरकार को तत्काल कदम उठाकर लीज धारकों से इस नुकसान की भरपाई करनी चाहिए

चेन्नई. डीएमके के कार्यकारी अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने मंगलवार को समुद्र तटीय इलाकों में हुए रेत खनन की अनियमितता में सीबीआई जांच की मांग की। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी गंगादीप सिंह बेदी के नेतृत्व वाली एक विशेष टीम द्वारा तिरुनेलवेली, तुत्तुकुड़ी और कन्याकुमारी जिले में किए गए निरीक्षण के आधार पर पेश ११७० पेज की रिपोर्ट का हवाला देते हुए स्टालिन ने कहा अब तक ५२ लीज साइटों से एक करोड़ टन रेत का अवैध रूप से खनन कर निर्यात किया जा चुका है, जिसकी कीमत एक लाख ८० हजार करोड़ है। यहां जारी एक विज्ञप्ति में स्टालिन ने कहा ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार को तत्काल कदम उठाकर लीज धारकों से इस नुकसान की भरपाई करनी चाहिए। अगर सरकार ऐसा करने में विफल होती है तो केंद्र सरकार को हस्तक्षेप कर इस मामले में सीबीआई जांच का आदेश देना चाहिए।
स्टालिन ने कहा जब भी अवैध रेत खनन मुद्दे को उठाया गया तो राज्य की एआईएडीएमके सरकार ने कार्रवाई करने के बजाय उसे अनदेखा कर दिया। वर्ष २०१३ में तुत्तुकुड़ी जिला कलक्टर ने राज्य सरकार को एक पत्र के जरिए जानकारी दी थी कि रेत खनन मामले में गंगदीप सिंह बेदी के नेतृत्व में जांच का आदेश दिया गया है। हालांकि जानकारी के बाद वीवी खनिज और एआईएडीएमके सरकार द्वारा बेदी को जांच से हटाने का पूरा प्रयास किया गया, लेकिन सही वक्त पर मद्रास हाईकोर्ट ने हस्तक्षेप कर ऐसा नहीं होने दिया। जिसके बाद बेदी ने १७ सितंबर २०१३ को अपनी रिपोर्ट सौंपी, लेकिन एआईएडीएमके सरकार ने उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया। विधानसभा में डीएमके द्वारा भी कई बार इस मुद्दे पर सवाल किए गए लेकिन सरकार चार साल तक चुप्पी साध कर ही बैठी रही।

Santosh Tiwari Desk
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