संयुक्त हिन्दी कार्यशाला का आयोजन

संयुक्त हिन्दी कार्यशाला का आयोजन

shivali agrawal | Updated: 14 Jun 2019, 01:45:21 PM (IST) Chennai, Chennai, Tamil Nadu, India

-विभागीय कार्य में राजभाषा का प्रयोग और अधिक करने की आवश्यकता

चेन्नई.
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, चेन्नई स्थित दोनों प्रभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए प्रत्येक तिमाही में हिन्दी कार्यशाला का आयोजन किया जाता है। इसी क्रम में दोनों प्रभागों के अधिकारियों कर्मचारियों के लिए गुरुवार को हिन्दी कार्यशाला का आयोजन क्षेत्रीय मुख्यालय, दक्षिणी क्षेत्र, चेन्नई में सम्पन्न हुआ। उद्घाटन आर. माधवन, क्षेत्रीय कार्यपालक निदेशक, दक्षिणी क्षेत्र एवं एस श्रीकुमार, विमनपत्तन निदेशक, चेन्नई हवाईअड्डा द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. एस. बशीर, हिन्दी अधिकारी ( सेवानिवृत्त), एचपीसीएल, चेन्नई भी उपस्थित थे।
हिन्दी कार्यशाला के उद्घाटन के अवसर पर अपने स्वागत भाषण के दौरान डॉ. इन्दिरा रानी थॉमस, वरिष्ठ प्रबंधक (राजभाषा), द्वारा सभी अधिकारियों/ कर्मचारियों से अनुरोध किया गया कि हिन्दी कार्यशाला के बाद विभागीय कार्य में राजभाषा का प्रयोग और अधिक करने की आवश्यकता है। हिन्दी में काम करना हमारा संवैधानिक और नैतिक दायित्व भी है। उनके द्वारा हिन्दी भाषा प्रशिक्षण को पूरा करने हेतु पर विशेष बल दिया गया। नियमित रूप से हिन्दी कार्यशाला के आयोजन के महत्व पर बल दिया गया। कार्यशाला का आयोजन न केवल भारत सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य को पूरा करता है बल्कि इस प्रकार की कार्यशालाओं से हम सबको अपने अपने विभाग में अपनी राजभाषा हिन्दी में कार्य करने में सहायता मिलती है। राजभाषा कार्यान्वयन से संबंधित उठाए गए कदम की भूरि- भूरि प्रशंसा की गई एवं उसकी प्रगति पर संतोष प्रकट किया गया। प्रथम सत्र में भारत सरकार की राजभाषा नीति का परिचय विषय पर प्रकाश डाला गया। दूसरे सत्र में साजी सी.अब्रॉहम, प्रबंधक (राजभाषा), चेन्नई हवाईअड्डा द्वारा पारिभाषिक शब्दावली से प्रतिभागियों का परिचय कराया गया एवं इस संबंध में विस्तृत जानकारी एवं ज्ञानवर्धक व्याख्यान दिया गया। तीसरे सत्र में डॉ. आर. रमीला, अधिकारी (अनुवाद), एयर इंडिया लि., चेन्नई द्वारा सरकारी कार्यालयों में राजभाषा कार्यान्वयन एवं तिमाही प्रगति रिपोर्ट विषय पर प्रकाश डाला गया।
अंतिम सत्र में निशांत यादव, प्रबंधक ( राजभाषा) द्वारा राजभाषा के क्षेत्र में सूचना प्रौद्योगिकी का प्रयोग एवं ई- टूल्स विषय पर व्याख्यान दिया गया। कंप्यूटर पर हिन्दी में कार्य हिन्दी की-बोर्ड से संबंधित जानकारी उनके द्वारा पॉवर पॉइंट के माध्यम से प्रस्तुति दी गई। इस सत्र में यूनिकोड, लीला स्वयं शिक्षण आदि के बारे में बताया गया तथा कंप्यूटर पर गूगल वॉयस टाइपिंग का अभ्यास कराया गया। इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों से अनुरोध किया गया कि संसदीय राजभाषा समिति की अपेक्षा के अनुसार हिन्दी कार्यशाला में प्रशिक्षित अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा उनके विभागीय कार्य को 50 प्रतिशत से अधिक राजभाषा में करना आवश्यक है।

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned