कमल हासन ने पूछी पीडि़तों की कुशलक्षेम

कमल हासन ने पूछी पीडि़तों की कुशलक्षेम

Mukesh Sharma | Publish: Jun, 14 2018 09:55:07 PM (IST) Chennai, Tamil Nadu, India

मक्कल नीदि मय्यम के संस्थापक एवं अभिनेता कमल हासन ने बुधवार को पुलिस फायरिंग में घायलों से मुलाकात कर उनकी कुशलक्षेम पूछी।

तुत्तुकुड़ी।मक्कल नीदि मय्यम के संस्थापक एवं अभिनेता कमल हासन ने बुधवार को पुलिस फायरिंग में घायलों से मुलाकात कर उनकी कुशलक्षेम पूछी। उन्होंने कहा वे जानना चाहते हैं कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस को फायरिंग का आदेश किसने दिया था। संवाददाताओं से वार्ता में उन्होंने कहा हमें पता होना ही चाहिए कि आखिर किसने फायरिंग का आदेश दिया था। यह मैं ही नहीं बल्कि इस घटना में हुए घायल भी जानना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि घायलों के लिए सहायता राशि का आदेश देने से ही इस मुद्दे का समाधान नहीं निकलेगा, इसका हल निकलेगा स्टरलाइट प्लांट को तत्काल बंद करने से।

उन्होंने कहा प्लांट को बंद कराने की मांग को लेकर जनता द्वारा शांति पूर्वक किए जा रहे प्रदर्शन को सरकार द्वारा अनदेखा किया गया था। सरकार की विफलता की वजह से ही इस तरह के हालात उत्पन्न हुए हैं। अस्पताल में घायलों एवं उनके परिजनों से मुलाकात करने के बाद कमल हासन बेंगलूरु के लिए रवाना हो गए। वहां वे जेडीएस नेता एचडी. कुमारसामी के कर्नाटक सीएम के रूप शपथग्रहण समारोह में शामिल हुए।

‘हम सरकार के नहीं प्लांट के खिलाफ’

तुत्तुकुड़ी स्टरलाइट प्लांट के विरुद्ध हो रहे उग्र विरोध प्रदर्शन से निपटने के लिए हुई पुलिस फायरिंग में १२ जने मारे गए और १०० के करीब घायल हो गए। कानून-व्यवस्था को बनाए रखने और हिंसा पर उतारू प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए गोली चलाने की बात कही गई। अस्पताल में उपचाररत घायलों ने उन संकटपूर्ण क्षणों को मीडिया से साझा किया। उनका कहना था कि वे सरकार के खिलाफ नहीं स्टरलाइट कॉपर प्लांट के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।

तुत्तुकुड़ी अस्पताल में भर्ती एक महिला ने उस पल को याद किया जब वह मौत के मुंह से वापस लौटी। वह बताती हैं, ‘मेरे घुटने पर गोली लगी। बहुत दूर से गोली चलाई गई थी। मेरे पास खड़ी युवती दुर्भाग्यशाली थी, गोली सीधे उसके सिर को छेद कर गई और उसकी वहीं मौत हो गई।’

एक घायल के परिजन ने कहा कि प्रदर्शन के वक्त वह सडक़ किनारे खड़ा था। पुलिस की गोली उसके घुटने पर लगी। वह नीचे गिर गया और फिर उसे अस्पताल भर्ती करा दिया गया। इसके एक घंटे बाद हमें फोन पर सूचना दी गई। हम तिरेशपुरम रहते हैं वहां हमको धमकाया जा रहा है।

एक अन्य पीडि़त ने आरोप लगाया कि पुलिस ने आंखें मूंदकर लाठीचार्ज की। गौरतलब है कि पुलिस कार्रवाई की फोटो, वीडियो और मीडिया रिपोर्ट देखने के बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने शासन सचिव व डीजीपी से इस घटना की रिपोर्ट मांगी है।

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