कोडनाड़ एस्टेट मामले में कनिमोझी ने किया स्टालिन की मांग का समर्थन

कोडनाड़ एस्टेट मामले में कनिमोझी ने किया स्टालिन की मांग का समर्थन

Mukesh Kumar Sharma | Publish: Jan, 15 2019 12:35:08 AM (IST) Chennai, Chennai, Tamil Nadu, India

तहलका के पूर्व संपादक सेम्युअल मैथ्यूज द्वारा दिल्ली में शुक्रवार को एक वीडियो जारी कर राज्य के मुख्यमंत्री एडपाडी के. पलनीस्वामी पर लगाए गए...

चेन्नई।तहलका के पूर्व संपादक सेम्युअल मैथ्यूज द्वारा दिल्ली में शुक्रवार को एक वीडियो जारी कर राज्य के मुख्यमंत्री एडपाडी के. पलनीस्वामी पर लगाए गए आरोप को गंभीरता से लेते हुए डीएमके अध्यक्ष एम.के. स्टालिन द्वारा मामले में की जा रही सीबीआई जांच की मांग का डीएमके की राज्यसभा सांसद कनिमोझी ने समर्थन किया।

यहां पत्रकारों से बातचीत में कनिमोझी ने कहा वीडियो जारी करने के बाद पुलिस अधिकारियों द्वारा मामले में लिप्त के.वी. सायन और वालायर मनोज नामक दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है जो कि सही नहीं है। ऐसा करने के बजाय मामले में सीबीआई जांच का आदेश दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा करने में विफल हुए तो डीएमके कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी।

सरकारी शिक्षकों की अनिश्चित कालीन हड़ताल २२ से

अपनी विभिन्न मांगों को लेकर राज्य सरकार पर दबाव बनाने के उद्देश्य से तमिलनाडु शिक्षक संगठनों की संयुक्त कार्रवाई परिषद और सरकारी कर्मचारी संगठन (जैक्टो-जिओ) द्वारा प्रस्तावित अनिश्चितकालित हड़ताल २२ जनवरी से शुरू होगी।

हड़ताल में राज्य के सरकारी स्कूलों के पांच लाख शिक्षकों सहित १० लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों के भी शामिल होने की संभावना है। इसके परिणाम स्वरूप २२ जनवरी से सरकारी स्कूलों के संचालन पर प्रभाव पडऩे की उम्मीद है। एसोसिएशन द्वारा जारी एक विज्ञप्ति में बताया गया कि जब तक हमारी मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा हड़ताल जारी रहेगी। तमिलनाडु प्राथमिक स्कूल शिक्षक संघ के राज्य समन्वयक आर. दास ने बताया कि हड़ताल में शत प्रतिशत शिक्षक हिस्सा लेंगे।

उन्होंने कहा एसोसिएशन ने पहले ही राज्य सरकार को नई पेंशन योजना शुरू करने, नए वेतन आयोग के दिशा निर्देश के तहत २१ महीने के बकाए वेतन का समाधान और आंगनवाड़ी स्कूलों में अंशकालीन शिक्षकों को स्थाई करने सहित अन्य मांगों की सूची सौंप दी है। इसके अलावा हम लोग कम संख्या वाली स्कूल को बंद कराने और विलय कराने वाली योजना का भी सख्ती से विरोध कर रहे हंै। इस योजना से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने के साथ ही शिक्षकों की नौकरी भी जाएगी।

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