तुत्तुकुड़ी जिले के सांताकुलम में पुलिस कस्टडी में पिता-पुत्र की हुई संदिग्ध मौत की एनएचआरसी करे जांच: कनिमोझी

कनिमोझी ने एनएचआरसी को पत्र लिख तुत्तुकुड़ी जिले के सांताकुलम में पुलिस कस्टडी में पिता-पुत्र की हुई संदिग्ध मौत के जिम्मेदार पुलिस कर्मियों समेत अन्य अधिकारियों के खिलाफ जांच करने का आग्रह किया।

By: Vishal Kesharwani

Updated: 26 Jun 2020, 05:46 PM IST


चेन्नई. डीएमके सांसद कनिमोझी ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) को पत्र लिख तुत्तुकुड़ी जिले के सांताकुलम में पुलिस कस्टडी में पिता-पुत्र की हुई संदिग्ध मौत के जिम्मेदार पुलिस कर्मियों समेत अन्य अधिकारियों के खिलाफ जांच करने का आग्रह किया। अपने पत्र में कनिमोझी ने कहा ऐसा आरोप लगाया जा रहा है कि जांच के नाम पर पुलिसकर्मियों ने जयराज और बेनिक्स पर हमला किया था। पुलिस ने पिता पुत्र पर लगातार हमला किया जिससे जयराज के सीने में काफी चोटे आई थी। उन्होंने कहा कि कथित तौर पर पुलिस दोनों को लेकर अस्पताल गई और फिटनेस प्रमाणपत्र देने की मांग की तो डॉक्टरों ने प्रमाणपत्र देने से इंकार कर दिया।

 

लेकिन सांताकुलम के इंस्पेक्टर ने डॉक्टरों को स्वास्थ्य प्रमाणपत्र देने के लिए मजबूर किया। इतना ही नहीं बल्कि दोनों को मजिस्टे्रट के सामने न्यायिक मजिस्टे्रट के घर ले जाया गया तो मजिस्टे्रट से 50 मिटर की दूरी पर ही खड़ा किया गया था और न्यायिक हिरासत में लेने से पहले उनके चारो ओर पुलिसकर्मी तैनात थे। ऐसी परिस्थिति में पुलिसकर्मी, मजिस्टे्रट, जिसने न्यायिक हिरासत में भेजा था, मेडिकल अधिकारी, जिन्हें सही से पिता पुत्र के स्वास्थ्य और शरीरिक फिटनेस को देखना चाहिए था, सामूहिक रूप से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने में विफल रहे हैं। उन्होंने कहा कि तत्थ्यों और परिस्थितियों को देख कर लगता है कि पुलिस ने संविधान के अनुच्छेद 21 में निहित जीवन और प्रतिष्ठा के अधिकार समेत बुनियादी मानव अधिकारों की अवहेलना की है।

 

सुप्रीम कोर्ट द्वारा गिरफ्तारी को लेकर निर्धारित दिशानिर्देशों का पुलिस अधिकारियों ने उल्लंघन किया है। कनिमोझी ने आरोप लगाया कि राज्य में पुलिस कस्टडी में मौत की लगभग 15 घटनाएं हो चुकी है और एक भी मामले में जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ चार्जशीट दायर नहीं की गई है। मामले को गंभीरता से लेकर इसे ध्यान में रखते हुए एनएचआरसी को आवश्यक निर्देश जारी करने चाहिए, ताकि आगे इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके।

Vishal Kesharwani
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