खादी मास्क, खादी जैकेट, खादी योगा ड्रेस समेत सैकडों वैरायटी अब ऑनलाइन उपलब्ध

खादी का बाजार हुआ ऑनलाइन
- मौजूदा समय में करीब 180 से अधिक उत्पाद ऑनलाइन बिक्री के लिए, गांधी जयंती तक एक हजार उत्पाद उपलब्ध कराने का लक्ष्य

By: Ashok Rajpurohit

Published: 14 Sep 2020, 07:03 PM IST

चेन्नई. स्वदेशी का प्रतीक रही खादी वैश्विक महामारी के इस दौर में नई भूमिका में है। अब खादी भी ऑनलाइन की राह पर चल पड़ी है। खादी के बने कई उत्पाद ऑनलाइन बिक रहे हैं। खादी एवं ग्रामोद्योग ने करीब 180 से अधिक उत्पाद ऑनलाइन बिक्री के लिए उपलब्ध कराए है और इसी साल गांधी जयंती तक एक हजार उत्पाद ऑनलाइन बिक्री के लिए उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है।
खादी उत्पाद पूर्णत स्वदेशी है। इससे स्वदेशी को बल मिलेगा। साथ ही स्थानीय बुनकर व अन्य कारीगरों को इसका फायदा मिल सकेगा। शिल्पकार इससे निश्चित ही सशक्तिकरण की दिशा में कदम बढ़ाएंगे। पोर्टल से शिल्पकारों को अपने उत्पाद बेचने के लिए नया बाजार मिलेगा। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत को गति मिल सकेगी। करीब दो महीने पहले खादी के बने मास्क ऑनलाइन उपलब्ध कराए गए। इसका जबरदस्त रेस्पोन्स देखने को मिला। धीरे-धीरे ऑनलाइन उत्पाद बढ़ते गए। अब करीब 180 उत्पाद ऑनलाइन बेचे जा रहे हैं। ऑनलाइन पर लगातार नए उत्पाद शामिल किए जा रहे हैं।
50 से लेकर पांच हजार तक के उत्पाद
खादी मास्क, खादी नीम प्रोडक्ट, खादी हनी, खादी गमछा, खादी योगा ड्रेस समेत ग्रीन टी, हर्बल मेडिसिन, रूमाल, खादी जैकेट, पापड़, खादी पेंट समेत अनेकों वैरायटी ऑनलाइन उपलब्ध है। ऑनलाइन बिक्री के लिए उत्पाद 50 रुपए से लेकर पांच हजार की कीमत के है। हर रोज करीब दस उत्पाद ऑनलाइन बिक्री के लिए नए जोड़े जा रहे हैं।
मास्क के मिले आर्डर
पहले खादी के उत्पाद खरीदने के लिए खादी की दुकान पर जाना पड़ता था लेकिन अब पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन बिक्री होने से पोर्टल पर उन क्षेत्रों के लोग भी खरीद रहे हैं जहां खादी उत्पादों की उपलब्धता नहीं थी। खादी के बने मास्क जिंदगी बचाने के साथ ही आजीविता का जरिया बन चुके है। उत्तरप्रदेश में स्वयं सहायता समह से जुडी छह लाख महिलाओं को इससे रोजगार मिला हैं। आयोग 599 रुपए एवं इससे अधिक राशि के आर्डर पर मुफ्त डिलीवरी दे रहा हैं। वर्तमान में यह आर्डर स्पीड पोस्ट से भेजे जा रहे है। जम्मू कश्मीर ने सात लाख मास्क खरीदे थे। इंडियन रेड क्रास सोसायटी नेे 10.5 लाख मास्क खरीदने का आर्डर दिया।
लाकडाउन में कम बिकी खादी
खादी का नाम आते ही नेताओं का नाम जुबान पर आता है। यानी खादी व नेता एक दूसरे के पूरक कहे जा सकते हैं। खादी का बना कुर्ता, पजामा, गमछा चुनावी मौसम में नेताओं की शान बढ़ाते है। चुनाव के दौरान इन कपड़ों की जबरदस्त बिक्री होती रही है। हालांकि लॉकडाउन में खादी पर भी गहरा असर देखने को मिला। इस दौरान कारोबार फीका रहा। खादी खुद ऐसा ब्राण्ड है जिसकी कीमतें भले ही उतार-चढाव वाली रही हो लेकिन बाजार में पूछ कभी कम नहीं हुई, लेकिन इस बार कोरोना के चलते खादी को खरीदार नहीं मिले।
पैकिंग में हाथ से बने कागजों का इस्तेमाल
खास बात यह है कि जब से ई-कामर्स उद्योग में कदम रखा है तब से सामानों की पैकिंग में हाथ से बने कागजों का इस्तेमाल किया जा रहा है। जिसका उद्देश्य हरित सिद्धांत का पालन करना है। प्लास्टिक का इस्तेमाल केवल तरल पदार्थों की पैकिंग में किया जा रहा है। अन्य में हाथ से बने लिफाफे व हाथ से बने कार्टून बाक्स का इस्तेमाल सामानों की पैङ्क्षकग के लिए किया जा रहा है। राष्ट्रीय हरित अभिकरण का यह निर्देश है कि ई-कामर्स कंपनियों को वस्तुओं की पैकिंग में इस्तेमाल होने वाले अत्यधिक प्लास्टिक का उपयोग कम करने को कहा गया है। ताकि पर्यावरण के पैदा हो रहे खतरे को कम किया जा सके। खादी के कपड़े दुनिया में सबसे अधिक इको फ्रेंडली माने जाते है। खादी के उत्पाद प्राकृतिक होते हैं। हालांकि कागज की पैकिंग से किसी सामान का वजन प्लास्टिक पैकिंग की तुलना में बढ़ जाता हैं जिससे लागत अधिक आती हैं। लेकिन इसका फायदा यह होता है कि पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं पहुंचता।
........................................

कागज के बाक्स को मिले प्रोत्साहन
हाथ से बने कागज के बाक्स में पैकेट पहुंचाने की पहल सराहनीय है। इस तरह की पहल को प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए। खादी के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी कागज के पैकेट ही काम में लेने शुरू किए जाएं तो जहां प्रदूषण से निजात मिलने में सहायता मिल सकेगी वहीं पर्यावरण बचाने की मुहिम को भी बल मिल सकेगा। लोगों को भी इस दिशा में और जागरुक करने की जरूरत है।
- गणपतलाल मोहराई, बिजनेसमैन, मदुरै।
........................................

Show More
Ashok Rajpurohit
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned