कोविड 19 परीक्षण के लिए स्वैब लेना लैब तकनीशियन की जिम्मेदारी: राज्य सरकार

राज्य सरकार ने बुधवार को मद्रास हाईकोर्ट को जानकारी देते हुए कहा कि डॉक्टर नहीं बल्कि लैब तकनीशियन कोविड 19 परीक्षण के लिए स्वैब लेने के लिए बाध्य हैं।

By: Vishal Kesharwani

Updated: 01 Jul 2020, 08:34 PM IST


चेन्नई. राज्य सरकार ने बुधवार को मद्रास हाईकोर्ट को जानकारी देते हुए कहा कि डॉक्टर नहीं बल्कि लैब तकनीशियन कोविड 19 परीक्षण के लिए स्वैब लेने के लिए बाध्य हैं। न्यायधीश आर. सुब्बैया और न्यायधीश कृष्णन रामासामी की खंडपीठ में चिकित्सा प्रयोगशाला तकनीशियन एसोसिएशन द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के वकील वी. जयप्रकाश नारायण ने कोर्ट को यह जानकारी दी। सरकारी लैब तकनीशियनों का प्रतिनिधित्व कर रहे एसोसिएशन ने अपनी याचिका में कहा कि कोविड 19 परीक्षण के लिए मरीजों का स्वैब लेना लैब तकनीशियनों की ड्यूटी नहीं है।

 

इसके लिए सिर्फ इएनटी पेशेवर डॉक्टर्स और स्नातकोत्तर प्रशिक्षु को ही लगाया जा सकता है। जिसके जवाब में सरकार की ओर से सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि स्वैब लेना लैब तकनीशियनों के दिन प्रतिदिन के कार्य का ही एक हिस्सा है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा प्रयोगशाला के तकनीशियनों को अपनी मूल व्यावसायिक योग्यता के हिस्से के रूप में ही होना चाहिए और यह बहुत ही महत्वपूर्ण दक्षताओं में से एक है। दलिलों को सुनने के बाद कोर्ट ने सुनवाई को एक दिन के लिए स्थगित कर दिया।

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