लक्ष्मी स्वयं चली आती है प्रेम के साथ

लक्ष्मी स्वयं चली आती है प्रेम के साथ

Ritesh Ranjan | Publish: May, 25 2019 02:46:27 PM (IST) Chennai, Chennai, Tamil Nadu, India

साध्वी कंचनकुंवर अपनी सहवर्तिनी साध्वीवृंद के साथ फाईक्राफ्टस स्थित विजय हेमन्त देवांग चोरडिय़ा के निवास पर विराजित हैं।

चेन्नई. साध्वी कंचनकुंवर अपनी सहवर्तिनी साध्वीवृंद के साथ फाईक्राफ्टस स्थित विजय हेमन्त देवांग चोरडिय़ा के निवास पर विराजित हैं। सरदारमल चोरडिय़ा, नवरतनमल चोरडिय़ा, जेठमल चोरडिय़ा, अशोक गेलड़ा, कैलाशमल दुगड़, अनिल सेठ उनके दर्शनार्थ पहुंचे। इस मौके पर चोरडिय़ा परिवार के सदस्यों को सम्बोधित करते हुए साध्वी इमितप्रभा ने कहा जिस परिवार में प्रेम व मैत्री के रिश्ते होते हैं वह परिवार सुख समृद्धि की ओर बढ़ता है। प्रेम के साथ लक्ष्मी स्वयं चली आती है।
साध्वी उदितप्रभा ने कहा कपटी व मायाचारी करने वाले लोगों से सरल लोग अच्छे होते हैं। ढोंगी व्यक्ति होते कुछ और हैं, दिखाते कुछ और हैं। वे विश्वास करने योग्य नहीं होते। धर्म सरल होना सिखाता है । साध्वी हेमप्रभा ने स्तवन सुनाया। इससे पहले अशोक गेलड़ा ने नोखा ग्राम के चोरडिय़ा परिवार की राजगुरुमाता साध्वी उमरावकुंवर व उनकी शिष्य मंडली के साथ जुड़ी स्मृतियों को याद किया। चोरडिया परिवार की ओर से स्वागत गीत की प्रस्तुति दी गई। 25 मई को भी अर्चना शिष्य मंडल की सभी साध्वियां ग्रीम्स रोड स्थित स्थानक में विराजित रहेंगी।

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