आदिवासी व पिछड़े बच्चों को शिक्षा दे रहे एकल विद्यालय

- अब ऑनलाइन प्रदर्शनी से राशि जुटाकर बच्चों के उत्थान में करेंगे खर्च
- वन बंधु परिषद की राष्ट्रीय महिला समिति की अध्यक्ष लता मालपानी की राजस्थान पत्रिका से विशेष बातचीत

By: Ashok Rajpurohit

Published: 14 Sep 2020, 07:16 PM IST

चेन्नई. पिछड़े व आदिवासी इलाकों मेंं बच्चों के शिक्षित करने के मकसद से खोले गए एकल विद्यालय बच्चों में कौशल विकास के साथ ही उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने में भी मददगार बन रहे हैं। करीब एक लाख से अधिक ऐसे विद्यालय एक स्कूल, एक शिक्षक के फार्मले पर संचालित किए जा रहे हैं। पिछले दिनों देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी एकल विद्यालयों की सराहना की थी। अब वन बंधु परिषद की राष्ट्रीय महिला समिति ऑनलाइन मल्टी प्रोडक्ट लाइफस्टाइल एक्जीबिशन लगाएगी और इससे प्राप्त होने वाली सारी राशि आदिवासी व गरीब बच्चों के कल्याण में खर्च करेगी।
शिक्षा से जुड़ी बड़ी योजना
वन बंधु परिषद की राष्ट्रीय महिला समिति की अध्यक्ष लता मालपानी ने बताया कि एकल विद्यालय देश की शिक्षा से जुड़ी एक बड़ी योजना है। बिना किसी सरकारी मदद के ये विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। भारत के साथ ही नेपाल के सुदूर इलाकों में यह विद्यालय आज शिक्षा क्रांति में बड़ा बदलाव ला रहे हैं। राष्ट्र निर्माण और शिक्षा के क्षेत्र में यह बड़ा योगदान है। यहां शिक्षा के साथ संस्कारों का बीजारोपण किया जा रहा है। एकल विद्यालय गरीब बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोडऩे का काम कर रहा है।
ऑनलाइन एग्जीबिशन 19 अक्टूबर से
वन बंधु परिषद की राष्ट्रीय महिला समिति के तत्वावधान में 19 से 23 अक्टूबर तक ऑनलाइन मल्टी प्रोडक्ट लाइफस्टाइल एग्जीबिशन का आयोजन किया जाएगा। पांच दिवसीय एग्जिबिशन में कोई भी भाग ले सकता है। एग्जीबिशन में सभी उत्पादों की 25 फोटो ऑनलाइन प्रदर्शनी के माध्यम से दिखाई जाएगी। एग्जीबिशन में अपैरल, ज्वेलरी, होम डेकोर, आयुर्वेदिक व ऑर्गेनिक प्रोडक्ट, स्टेशनरी, सोलर एनर्जी सहित विभिन्न श्रेणियों के उत्पाद प्रदर्शित किए जाएंगे। सभी पार्टिसिपेंट्स के एक्टिव व्हाट्सएप नंबर उनके स्टाल के साथ डिस्प्ले पर रहेंगे, जिससे कस्टमर उनसे डायरेक्ट संपर्क बना पाएंगे। इस प्रकार वन बंधु परिषद की राष्ट्रीय महिला समिति ने इस करोना काल में सभी को अपने व्यापार को बढ़ावा देने के लिए बड़ा अवसर प्रदान किया है। इस प्रदर्शनी का प्रचार-प्रसार पूरे भारत में किया जा रहा है।
शिक्षा के साथ सर्वांगीण विकास
मालपानी ने बताया कि एकल विद्यालयों से लोग लगातार जुड़ रहे हैं। आने वाले दिनों में संख्या और बढ़ेगी। एक बार यदि कोई एकल विद्यालय का अवलोकन कर लेता है तो वह उससे जुड़े बिना नहीं रह सकता। शिक्षा के साथ ही इन बच्चों को और भी कई तरह की गतिविधि से जोड़कर रखा जा रहा है ताकि उनका सर्वांगीण विकास हो सके।

Ashok Rajpurohit
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