मंदिर परिसर की दुकानों में बिकता है ज्वलनशील सामान

PURUSHOTTAM REDDY

Publish: Feb, 15 2018 12:25:22 PM (IST)

Chennai, Tamil Nadu, India
मंदिर परिसर की दुकानों में बिकता है ज्वलनशील सामान

सदियों पुराने मंदिर की सुरक्षा को लेकर हिंदू संगठनों ने उठाई आवाज

तिरुनेलवेली.

मदुरै के प्रसिद्ध मीनाक्षी मंदिर में हुई अग्नि-दुर्घटना के बाद से ही भक्त राज्य के मंदिरों एवं पुरानी विरासतों की सुरक्षा को लेकर आवाज उठाने लगे हैं। इस दुर्घटना के बाद से तिरुनेलवेली के स्थानीय लोगों एवं हिंदू संगठनों को भी सातवीं शताब्दी के नेल्लैयाप्पार मंदिर के सुरक्षा की चिंता सताए जा रही है।


हिंदू मुन्ननी की राज्य प्रशासनिक समिति के सदस्य के. कुट्रालनाथन ने आरोप लगाते हुए कहा कि पूजा-स्थल को मिनी शापिंग काम्प्लेक्स में बदल दिया गया है तथा मंदिर के आस-पास का इलाका वाणिज्यिक हो गया है। यहां तक की अनुष्ठानों के दौरान मुख्य देवता के विश्राम का स्थान अनुप्पु मंडपम भी चाय एवं सौंदर्य प्रसाधन की दुकानों से भर गया है।

मंदिर परिसर में स्थित अधिकांश दुकानों पर ज्वलनशील उत्पाद बेचे जाते हैं जो मंदिर की सुरक्षा के लिहाज से काफी खतरनाक हैं। उन्होंने कहा कि आग जैसी किसी भी दुर्घटना से सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूजा-सामग्री बेचने वाली दुकानों को परिसर से बाहर का रास्ता दिखा देना चाहिए।

सूत्रों के अनुसार आस-पास के दुकानदारों ने मंदिर परिसर एवं मादा स्ट्रीट पर अतिक्रमण कर लिया है। एस. मुरुगन नामक एक भक्त ने बताया कि इन दुकानों पर सब्जियों, घरेलू सामानों, नकली गहनों के अलावा चप्पल भी बेचे जाते हैं।


भक्तों के अनुसार अतिक्रमण के कारण मादा स्ट्रीट से होकर गुजरने वाला देवताओं का जुलूस रत्ना स्ट्रीट में स्थानांतरित कर दिया है। भक्तों ने आरोप लगाया कि दुकानदारों के लिए शौचालय की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण ये लोग मंदिर परिसर की दीवारों को गंदा करते हैं।

मंदिर की सुरक्षा पर टिप्पणी करते हुए कुट्रालनाथन ने कहा कि पांच प्रवेश द्वार में से केवल दो खुले हैं। ऐसे में किसी दुर्घटना के समय भक्तों की जान जोखिम में पड़ सकती है।

किसी भी प्रवेश द्वारा तक पहुंचने के लिए कम से कम आधा किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। हिंदू प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि मंदिर की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार कर्मचारी बिल बनाने जैसे दूसरे कामों में लगे रहते हैं।

पांच अग्निशामक यंत्र खरीदे जाएंगे
नेल्लैयाप्पार मंदिर की कार्यकारी अधिकारी पी. रोशनी ने बताया कि किसी भी तरह की अग्नि दुर्घटना से मंदिर को बचाने के लिए मदापल्ली एवं अन्नथना हाल में सात अग्निशमन-यंत्र लगाए गए हैं। इसके अलावा मंदिर की सुरक्षा के लिए पांच और अग्निशमन यंत्र खरीदने की योजना है।

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षा मुद्दों के कारण मंदिर के उन प्रवेश द्वारों को नहीं खोला जा सकता जो सालों पहले चोरी और अग्नि-दुर्घटना के चलते बंद कर दिए गए थे। मंदिर परिसर के आस-पास के क्षेत्र ंमें कथित अतिक्रमण के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि उस जमीन पर निजी पार्टियों का मालिकाना हक है।

मंदिर परिसर में बेचे जाने वाले ज्वलनशील सामानों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि प्राथमिक उपाय के तहते सबसे पहले मुख्य प्रवेश मार्ग पर स्थित दुकानदारों को नोटिस भेजा जाएगा। इसके बाद अन्य मंदिरों के परिसरों का निरीक्षण किया जाएगा।

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