विशेष योग्यता वाले स्वयंपाठी विद्यार्थियों की दसवीं की परीक्षा पर रोक नहीं

high court of - हाईकोर्ट का रोक से इनकार

By: P S Kumar

Published: 20 Sep 2020, 07:55 PM IST


चेन्नई. मद्रास हाईकोर्ट ने रविवार को विशेष योग्यता वाले स्वयंपाठी विद्यार्थियों की दसवीं की परीक्षा पर रोक से इनकार कर दिया। इनको परीक्षा केंद्रों में जाकर परीक्षा देनी होगी।


न्यायाधीश एमएम सुंदरेश और जस्टिस आर. हेमलता की न्यायिक पीठ को सरकार ने सूचित किया कि महामारी के इस दौर में इन विद्यार्थियों की सुरक्षा संबंधी सभी उपाय किए गए हैं। सरकार के विश्वास दिलाने के बाद न्यायिक पीठ ने परीक्षा आयोजन को रोकने संबंधी याचिका को ठुकरा दिया।


तिरुचि निवासी बालकृष्णन सुब्रमण्यन ने यह याचिका दायर की थी कि विशेष योग्यता वाले सभी स्वयंपाठी विद्यार्थियों को बिना परीक्षा के उत्तीर्ण घोषित किया जाए। बिना पर्चा लिखाए ही उनको अंक देने की कोई अन्य व्यवस्था की जाए।
याची का कहना था कि ऐसे विद्यार्थी जो बहु विकारों अथवा विशेष योग्यता से ग्रस्त हैं परीक्षा लिखते वक्त मास्क नहीं पहन सकेंगे तथा महामारी के वक्त उनको परीक्षा लिखने के लिए स्क्राइब भी नहीं मिल सकेगा।


पिछली सुनवाई में बेंच ने परीक्षा पर रोक से इनकार करते हुए सरकार को सुझाव दिया था कि परीक्षा से कुछ दिन पहले परीक्षार्थी और उसके स्क्राइब के कोविड-१९ जांच की व्यवस्था के बारे में सोचा जाए। साथ ही परीक्षा केंद्र में सोशल डिस्टेंसिंग के उपाय हों। उन मामलों में जहां मास्क नहीं पहने जा सकते क्या वैकल्पिक उपाय किए जा सकते हैं उन पर विचार किया जाए। जैसे कि परीक्षार्थी और स्क्राइब को कुछ दूरी पर बिठाकर क्या फोन से श्रुतलेख की व्यवस्था हो सकती है?


याची ने कोर्ट से कहा कि सरकार ने उसके सुझाए उपाय लागू नहीं किए हैं इसलिए वे समीक्षा याचिका के साथ पेश हुए हैं। रिव्यू पीटिशन में कहा गया कि न्यायालय के आदेश में विशेष बच्चों को होने वाली जोखिम तत्व पर विचार नहीं किया गया था। साथ ही प्राधिकारियों ने बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा के ठोस उपाय नहीं किए हैं।

P S Kumar Editorial Incharge
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