दिवंगत विधायक बोस की जीत खारिज

दिवंगत विधायक बोस की जीत खारिज

Ritesh Ranjan | Updated: 23 Mar 2019, 12:03:43 PM (IST) Chennai, Chennai, Tamil Nadu, India

- हाईकोर्ट का आदेश
- तिरुपरमकुंड्रम से जीते थे चुनाव

चेन्नई. एक सनसनीखेज फैसले में मद्रास उच्च न्यायालय ने तिरुपरमकुंड्रम से एआईएडीएमके विधायक (मृत) एके बोस की जीत को खारिज कर दिया है। वे २०१६ विधानसभा में इस सीट से चुने गए थे। डीएमके प्रत्याशी डा. सरवणन ने उनकी जीत को चुनौती दी थी।
न्यायाधीश पी. वेलमुरुगन ने दो महत्वपूर्ण आधारों पर उक्त निर्णय सुनाया। न्यायालय ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के पास यह अधिकार नहीं है कि चुनाव नामांकन के फार्म-ए और फार्म-बी में हस्ताक्षर के बजाय अंगूठे का निशान लगाने की अनुमति दे। यह दोनों फार्म पार्टी की महासचिव के हस्ताक्षर द्वारा प्रमाणित किए जाने के लिए थे कि प्रत्याशी उनका पार्टी का सदस्य है। दूसरा महत्वपूर्ण पहलू यह है कि बचाव पक्ष यह साक्ष्य पेश करने में विफल रहा कि तब एआईएडीएमके महासचिव जे. जयललिता ने पूरे होश-हवास में इन फार्म पर अंगूठा लगाया था।
जज ने याची सरवणन की उस उप याचिका को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने एके बोस के निधन की वजह से उनको तिरुपरमकुंड्रम सीट से विजयी प्रत्याशी घोषित करने की मांग की थी।
हाईकोर्ट के चुनाव को अवैध घोषित करने के साथ यह सीट स्वत: रिक्त घोषित मानी जाएगी। निर्वाचन आयोग ने इस याचिका के लम्बित होने की वजह से १८ अप्रेल को यहां उपचुनाव कराने में असमर्थता जताती है।
याची सरवणन ने बोस की जीत को चुनौती देते हुए आरोप लगाया था कि उनके प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशी ने अपने नामांकन पत्र में गलत तरीके से एआईएडीएमके महासचिव जे. जयललिता के अंगूठे के निशान लिए है जबकि वे अस्पताल में थी और अचेत थी।
सरवणन ने दावा किया कि अगर नामांकन की छंटनी सही होती और अन्नाद्रमुक प्रत्याशी का पर्चा खारिज हो जाता तो वे आसानी से जीत दर्ज कर लेते हैं।

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