मद्रास हाईकोर्ट ने स्टरलाइट की याचिका को किया खारिज

नहीं मिली रखरखाव व देखभाल की अनुमति

By: P S Kumar

Published: 03 Mar 2019, 05:53 PM IST

चेन्नई. मद्रास हाईकोर्ट ने स्टाइल कापर की प्लांट खोलने की याचिका खारिज कर दी। यह प्लांट के लिए झटका है। हाईकोर्ट ने कंपनी को कोई भी अंतरिम राहत देने से इंकार कर दिया। 200 एकड़ के फैक्ट्री के रखरखाव तथा देखभाल कार्य को शुरू करने की अनुमति नहीं दी गई। जस्टिम एम.सत्यनारायणन तथा एम.निर्मल कुमार की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि राज्य फैक्ट्री में होने वाली किसी भी दुर्घटना एवं पर्यावरणीय क्षति के लिए जिम्मेदार होगा। महाधिवक्ता विजय नारायण ने आश्वासन दिया कि राज्य ऐसी सभी जिम्मेदारियां उठाएगा। राज्य के पास फैक्ट्री की देखभाल के लिए सभी साधन है। यह वर्तमान में तूतीकोरीन जिला कलक्टर के नियंत्रण में है।

खंडपीठ ने सरकार तथा तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देश दिया कि 27 मार्च तक इस याचिका के संबंध में वे जवाब दायर करें। स्टरलाइट ने याचिका में फैक्ट्री बंद करने के सरकारी आदेश को खारिज करने की मांग की थी। साथ ही अथोरिटी की निर्देश दिया जाए कि वह यूनिट को दुबारा खोलने की अनुमति दें। स्टराइलट के सीनियर अधिवक्ता आर्यमा सुन्दरम ने कहा कि कंपनी के प्रारंभ से ही उसके विरुद्ध राजनीति से प्रेरित अभियान चलाया जा रहा है। यह कंपनी देश की 38 प्रतिशत घरेलू ताम्बे की जरूरत को पूरा करता था। राज्य को इससे प्रत्येक साल 2,000 करोड़ रुपए के कर राजस्व की प्राप्ति होती थी।

उन्होंने कहा कि हम मशीनरी की रखरखाव चाहते हैं और अदालत की अनुमति तक उत्पादन नहीं शुरू करेंगे। हमारे सारे आधिकारिक रिकार्ड फैक्ट्री में हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग भी वर्तमान में फैक्ट्री के इन्चार्ज है क्या उनके पास फैक्ट्री के रखरखाव का तकनीकी ज्ञान है। इस पर तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वरिष्ठ अधिवक्ता सीएस वैद्यनाथन ने कहा कि राज्य के पास सभी ज्ञान एवं विशेषज्ञता जिससे पर रखरखाव का कार्य कर सकता है। फैक्ट्री में कुछ भी होने पर इसकी जिम्मेदारी राज्य की होगी।

P S Kumar Editorial Incharge
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