हाथियों की देखभाल के कायदों पर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

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By: PURUSHOTTAM REDDY

Updated: 24 Feb 2021, 04:50 PM IST

चेन्नई.

मद्रास उच्च न्यायालय ने मंगलवार को सरकार से जवाब मांगा कि निजी रूप से हाथी रखने वालों तथा मंदिरों के स्वामित्व वाले हाथियों की देखभाल के क्या कायदे हैं? श्रीरंगम निवासी रंगराजन नरसिम्हन ने जनहित याचिका दायर की कि श्रीरंगम मंदिर की दो हथिनियों आंडाल व लक्ष्मी का अनुरक्षण उचित तरीके से नहीं हो रहा है। इन दोनों हथिनियों की देखभाल कर रहे महावत को सेवा से बेदखल कर दिया गया है। इनकी देखभाल नियमानुसार नहीं हो रही है। लिहाजा उनकी सेहत भी बिगडऩे लगी है। महावत की नियुक्ति और उनकी उचित देखभाल के निर्देश जारी किए जाएं।

मुख्य न्यायाधीश संजीब बनर्जी और न्यायाधीश सेंथिल कुमार राममूर्ति की न्यायिक पीठ ने इस पर सुनवाई की। न्यायिक पीठ ने कहा कि हाथियों की यातना देने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। जीवों पर दया नहीं दिखाने वालों के प्रति हमें भी रहम बरतने की आवश्यकता नहीं है।

न्यायिक पीठ ने सरकार से पूछा निजी और मंदिरों की देखभाल वाले हाथियों के लिए क्या प्रावधान व उपाय हैं? हाथियों की सुरक्षा के लिए नई नीति व कानून बनने चाहिए। इस संबंध में आठ सप्ताह के भीतर सरकार अपना जवाब पेश करे।

PURUSHOTTAM REDDY
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