कोर्ट ने एआईएडीएमके सांसद के खिलाफ दायर चुनावी याचिका को खारिज करने से किया इंकार

मद्रास हाईकोर्ट ने शुक्रवार को एआईएडीएमके के तेनी सांसद पी. रवीन्द्रनाथ कुमार के खिलाफ संसदीय क्षेत्र के एक मतदाता द्वारा जीत को चुनौती देने वाली दायर याचिका को खारिज करने से इंकार कर दिया।

By: Vishal Kesharwani

Published: 16 Oct 2020, 06:25 PM IST


चेन्नई. मद्रास हाईकोर्ट ने शुक्रवार को एआईएडीएमके के तेनी सांसद पी. रवीन्द्रनाथ कुमार के खिलाफ संसदीय क्षेत्र के एक मतदाता द्वारा जीत को चुनौती देने वाली दायर याचिका को खारिज करने से इंकार कर दिया। रवीन्द्रनाथ कुमार द्वारा दायर याचिक, जिसमें उन्होंने पी. मिलाने द्वारा उनके खिलाफ दायर याचिका को खारिज करने की मांग की थी, को खारिज करते हुए न्यायाधीश एमएस रमेश ने कहा अदालत का विचार है कि चुनावी याचिकाकर्ता कार्रवाई को लेकर प्रथम दृष्टि पर आधारित है। ऐसे में चुनाव याचिका को अपवादजनक और अपरिपक्व नहीं कहा जा सकता है। अपनी याचिका में मिलाने ने कहा था कि रवीन्द्रनाथ कुमार सफल होने के लिए भ्रष्टाचार में लिप्त हुए थे।

 

याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया था कि गत लोकसभा चुनाव के दौरान रवीन्द्रनाथ और उनके पिता व राज्य के उपमुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम ने जीत सुनिश्चित करने के लिए सरकारी मशीनरी का गलत तरीके से उपयोग किया। चुनाव लडऩे से पहले सांसद ने दायर एक हलफनामें में वाणी फैब्रिक्स लिमिटेड की एक निजी फर्म में अपनी हिस्सेदारी को दबा दी थी। इसके अलावा गत 7 अप्रेल 2017 को सांसद के भाई को संसदीय क्षेत्र के तेंडरल नगर में एक हजार नकदी के साथ साड़ी वितरित करते पाया गया था।

 

हालांकि चुनाव आयोग को ऐसी कई घटनाओं की जानकारी दी गई थी, लेकिन आयोग तेनी संसदीय क्षेत्र के लिए जारी अधिसूचना को रद्द करने में विफल रहा। याचिकाकार्ता का विरोध करते हुए रवीन्द्रनाथ ने तर्क दिया कि याचिका पर विचार नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि यह कथित भ्रष्ट प्रथाओं के बारे में भौतिक तथ्यों और विवरणों से परे है। उन्होंने कहा कि याचि डीएमके पार्टी का सदस्य है और चुनाव आयोग से कुछ भी कहने में विफल रहा है।

Vishal Kesharwani
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